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SBI ने शेयर की डिजिटल सिक्योरिटी को लेकर नई गाइडलाइन, बताया- कभी न करें ये काम

प्रमुख बैंक के अनुसार, ग्राहकों को अपने डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और सोशल मीडिया सुरक्षा के सभी पहलुओं को सतर्कता से जानना चाहिए।

State Bank Of India Guideline
एसबीआई ने ऑनलाइन पेमेंट को लेकर गाइडलाइन जारी की है। (फोटो- iStock)

डिजिटल के दौर में धोखाधड़ी का खतरा ज्‍यादा बढ़ गया है, हैकर्स लोगों से फ्रॉड करने के लिए नए-नए पैंतरे अजमाते हैं। इसी के मद्देनजर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों के लिए व्यापक डिजिटल सुरक्षा दिशानिर्देश शेयर की है। इस दिशानिर्देश के तहत बताया गया है कि ग्राहकों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं। साथ ही इस गाइडलाइन के अपनाने से आप धोखाधड़ी जैसी चीजों से खुद को बचा सकते हैं।

प्रमुख बैंक के अनुसार, ग्राहकों को अपने डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और सोशल मीडिया सुरक्षा के सभी पहलुओं को सतर्कता से जानना चाहिए। यहां पूरी गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी गई है कि कैसे डिजिटल भुगतान को सुरक्षित किया जा सकता है।

लॉगिन सिक्‍योरिटी
किसी भी ट्रांजैक्‍शन माध्‍यम के लिए यूनिक और कांप्‍लेक्‍स पासवर्ड बनाने की कोशिश करनी चाहिए, जो आपको याद रहे। साथ ही पासवर्ड को एक समय के अनुसार बदलते रहना भी चाहिए। कभी भी अपने user ID, passwords या PIN पिन को स्‍टोर करके नहीं रखना चाहिए, क्‍योंकि फोन चोरी होने या किसी अन्‍य हाथों में जाने पर आपके साथ धोखाधड़ी होने का खतरा बढ़ जाता है।

यह भी याद रखें कि बैंक कभी भी आपसे user ID/passwords/Card No/PIN/Passwords/CVV/OTP के बारे में जानकारी नहीं मांगता है, ऐसे में अगर आपसे कोई यह सभी चीजें मांगता है तो कभी भी शेयर न करें। वहीं अपने फोन में पासवर्ड को भी सेव करके न रखें।

इंटरनल सिक्‍योरिटी
एसबीआई ने जानकारी दी है कि इंटरनल सिक्‍योरिटी के लिए भी कुछ बातें ध्‍यान में रखनी चाहिए। जैसे किसी भी लिंक करने से पहले एड्रेस बार में बैंक की वेबसाइट के शुरुता में “https” जरूर चेक करें।

पब्‍लिक प्‍लेस पर वाईफाई नेटवर्क का उपयोग करते वक्‍त ऑनलाइन बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन नहीं करना चाहिए। साथ ही आप काम समाप्‍त करने के बाद लॉगआउट और बंद करना न भूलें।

UPI सिक्‍योरिटी

  • अपने मोबाइल पिन और UPI PIN को डिफरेंट और रैडम तरीके से रखें।
  • अनजान UPI रिकवेस्‍ट को अवाइड करें।
  • संदिग्‍ध रिक्‍वेस्‍ट की रिपोर्ट करें।
  • हमेशा याद रखें कि आपका पिन की आवश्‍यकता ट्रांसफर अमाउंट के लिए होती है। रिसीविंग अमाउंट के लिए इसकी जरूरत नहीं पड़ती है।
  • अगर आपके बिना कोई ट्रांजैक्शन हुआ है तो अपने अकाउंट पर यूपीआई सर्विस को तुरंत डिसेबल कर दें।

डेबिट/क्रेडिट कार्ड सुरक्षा
एटीएम मशीनों या पीओएस डिवाइसों के माध्यम से एटीएम लेनदेन करते समय सतर्क रहें। पिन को एंटर करते वक्‍त कीपैड को ढक लें, ताकि दूसरा कोई न देख ले। वहीं लेनदेन करते वक्‍त ई-कॉमर्स साइट की प्रामाणिकता की जांच कर लें। ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से अपने डेबिट कार्ड लेनदेन को मैनेज करें। साथ ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन दोनों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, पीओएस और एटीएम पर कार्ड लेनदेन की सीमा निर्धारित करें।

मोबाइल बैंकिंग सुरक्षा

  • आपके फोन/लैपटॉप/टैबलेट पर मजबूत पासवर्ड/बायोमीट्रिक अनुमति सक्षम होनी चाहिए।
  • अपना मोबाइल पिन किसी के साथ साझा न करें।
  • संभव हो तो बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण का यूज करें।
  • किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड न करें।
  • आवेदन केवल आधिकारिक स्टोर के माध्यम से ही डाउनलोड किए जाने चाहिए।
  • अपने मोबाइल में इंस्टॉल किए गए महत्वपूर्ण ऐप्स की अनुमतियों की नियमित निगरानी करें।
  • फोन को सार्वजनिक वायरलेस नेटवर्क से जोड़ने से बचना चाहिए।

सोशल मीडिया सुरक्षा
जिस व्यक्ति के साथ आप बातचीत कर रहे हैं उसकी पहचान की पुष्टि होनी चाहिए। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी व्यक्तिगत/वित्तीय जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों और किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीय जानकारी पर चर्चा न भी नहीं करनी चाहिए।

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