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SBI ने शुरू की ‘डोरस्‍टेप बैंकिंग’: आप उठा पाएंगे इसका फायदा या नहीं, जानिए

State Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों से कहा था कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दृष्टिबाधितों व दिव्यांगों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाएं।

तस्वीर का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

State Bank of India: भारत के सबसे बड़ा कॉमर्शियल बैंक ‘भारतीय स्टेट बैंक’ ने ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ सेवा की शुरूआत की है। यह सेवा 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और दृष्टिहीन ग्राहकों के लिए शुरू की गई है। बैंक के द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इस नई सुविधा के तहत ग्राहक चुनिंदा शाखाओं में कुछ विशिष्ट सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। डोरस्टेप बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से केवाईसी वाले खाताधारकों के लिए उपलब्ध हैं, जिनका वैध मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर्ड है और होम ब्रांच घर से पांच किलोमीटर के दायरे में है। हालांकि, यह सेवा ज्वाइंट अकाउंट, माइनर अकाउंट और नॉन-पर्सनल नेचर वाले अकाउंट के लिए उपलब्ध नहीं है।

योग्य ग्राहकों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए हर बार वित्तिय लेनदेन पर 100 रुपये और गैर-वित्तिय लेनेदेन के लिए 60 रुपये देने होंगे। ग्राहकों को अपनी होम ब्रांच में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके अलावा, दिव्यांग ग्राहकों को इस सेवा के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र भी देना होगा। इस विशिष्ट सेवा में कैश जमा करना और प्राप्त करना, चेक प्राप्त करना, चेकबुक मांग पर्ची प्राप्त करना, ड्राफ्ट और टर्म डिपॉजिट सलाह की डिलिवरी, लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना और इनकम टैक्स के लिए फॉर्म 15 एच प्राप्त करना शामिल है।

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों से कहा था कि वे वरिष्ठ नागरिकों, दृष्टिबाधितों व दिव्यांगों की सहायता के लिए विशेष कदम उठाएं। वहीं, रिकॉर्ड में उपलब्ध जन्म तिथि के आधार पर बैंकों को ऑटोमेटिक रूप से पूरी तरह से केवाईसी वाले खातों को ‘वरिष्ठ नागरिक खातों’ में बदलना होगा।

70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों व गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की समस्या को देखते हुए आरबीआई ने बैंकों को खाताधारकों को खाते से कैश निकालने, कैश जमा करने, डिमांड ड्राफ्ट पहुंचाने, केवाईसी डॉक्यूमेंट जमा करने, लाइफ सर्टिफिकेट लेने जैसे मूलभूत को उनके घर पर उपलब्ध करवाने की सलाह दी थी।

कई बार वरिष्ठ नागरिक बैंक के ब्रांच से चेकबुक लेने के लिए किसी और को भेज देते हैं। चेकबुक देने के समय बैंक वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग ग्राहकों के खुद उपस्थित रहने की बात नहीं कह सकते हैं। इसके अलावा, बैंकों को आरबीआई द्वारा यह सलाह दी जाती है कि सेविंग अकाउंट वाले खाताधारक अनुरोध करते हैं तो उन्हें हर साल न्यूनतम 25 चेक (चेक लीफ) दिए जाएं।

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