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आमतौर पर बेकार नहीं होता पानी, फिर भी बोतलबंद पानी पर क्यों दी जाती है एक्सपायरी डेट

ऐसे में ध्यान रखें कि बोतलों को आप ठंडी जगह रखें, जहां रोशनी कम आती हो। पानी पीने के लिए 15 से 20 दिनों से अधिक इन बोतलों का इस्तेमाल न करें। बीच-बीच में बोतलों की साफ-सफाई करते रहें, ताकि उनमें बैक्टीरिया व गंदगी न जमे।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

कंपनियां किसी भी खाने-पीने के सामान के साथ उनकी एक्सपायरी डेट भी देती हैं। साथ ही यह भी बताती हैं कि उन्हें बनाने में कौन सी चीजें इस्तेमाल की गईं। बोतल बंद पानी के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है। कंपनियां उस पर भी एक्सपायरी डेट सार्वजनिक करती हैं, जबकि आमतौर पर समझा जाता है कि पानी खराब नहीं होता है। फिर इस एक्सपायरी डेट का मतलब क्या है?

सीलबंद पानी खराब या बेकार नहीं होता है। मगर वह जिस प्लास्टिक से बनी पैंकिंग में महीनों तक रखा जाता है, उससे उसकी गुणवत्ता में गिरावट आ जाती है। लगातार बोतल पर सूर्य की रोशनी पड़ने से प्लास्टिक के कुछ केमिकल तत्व निकलकर पानी में घुल-मिल जाते हैं। केमिकल कंपोनेंट्स में बिसफेनोल-ए या बीपीए भी पाया जाता है।

बीपीए के कारण स्तन कैंसर, दिमाग में दिक्कत, पुरुषों में नपुंसकता और ह्दय रोगों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बोतलबंद पानी को लगातार चिलचिलाती धूप में न रहने दें। चूंकि पानी भी खाद्य और पेय पदार्थों की श्रेणी में आता है, लिहाजा इस पर नियमों के मुताबिक एक्सपायरी डेट देना कंपनियों के लिए अनिवार्य होता है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Video Jet)

वहीं, लंबे समय तक इन बोतलों का इस्तेमाल किए जाने से भी पानी में कुछ केमिकल तत्व मिल जाते हैं, जो साफ पानी को दूषित कर देते हैं। पैकिंग वाले पानी वाली बोतलें बनाने में जिस प्लास्टिक का प्रयोग होता है, उसकी प्रकृति झरझरी (खुरदुरी) होती है। यही वजह है कि अगर बोतलबंद पानी को अधिक समय तक रखा जाए, तो उसमें दुर्गंध, स्वाद और यहां तक कि बैक्टीरिया तक पनप सकता है।

ऐसे में ध्यान रखें कि बोतलों को आप ठंडी जगह रखें, जहां रोशनी कम आती हो। पानी पीने के लिए 15 से 20 दिनों से अधिक इन बोतलों का इस्तेमाल न करें। बीच-बीच में बोतलों की साफ-सफाई करते रहें, ताकि उनमें पेंदी पर बैक्टीरिया व गंदगी न जमे। ऐसे में स्पष्ट है कि पानी एक्सपायर नहीं होता, बल्कि जिस बोतल में उसे रखा जाता है, उसका प्लास्टिक उसे नुकसान पहुंचा सकता है।

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