ताज़ा खबर
 

Paytm, PhonePe ट्रांजेक्शन में विवाद? जानिए RBI के ये नियम

आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक, मोबाइल वॉलेट कंपनियां यूजर्स को एसएमएस अलर्ट, ईमेल और नोटिफिकेशन के लिए भी रजिस्टर करें, ताकि यूजर्स द्वारा कोई भी ट्रांजैक्शन होने पर उसकी जानकारी उन्हें तुरंत मिल सके।

मोबाइल वॉलेट कंपनीज के लिए आरबीआई ने जारी की नई गाइडलाइंस। (file pic)

सरकार की कोशिशों और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के चलते देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन में काफी तेजी आयी है। जिसके चलते कई मोबाइल वॉलेज एप जैसे Paytm, phonePe आदि चलन में आ चुकी हैं। लेकिन अब इन मोबाइल वॉलेट से ट्रांजैक्शन करने पर धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। यही वजह है कि हाल ही में रिजर्व बैंक ने उपभोक्ता को धोखाधड़ी से बचाने के लिए मोबाइल वॉलेट कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। रिजर्व बैंक ने अपनी ताजा गाइडलाइंस के जरिए मोबाइल वॉलेट यूजर्स को भी उसी स्तर की सुरक्षा देने की कोशिश की है, जो उपभोक्ताओं को क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के इस्तेमाल के दौरान मिलती है।

रिजर्व बैंक की गाइडलाइन्स के मुताबिक मोबाइल वॉलेट से सभी ट्रांजैक्शन का जो मैसेज यूजर को जाएगा, उसमें एक ऑथराइज्ड कॉन्टैक्ट नंबर, ईमेल आईडी का होना जरुरी है। ताकि धोखाधड़ी का मामला होने पर उपभोक्ता तुरंत इस ऑथराइज्ड नंबर पर संपर्क कर धोखाधड़ी की जानकारी दे सके। रिजर्व बैंक ने मोबाइल वॉलेट कंपनीज जैसे पेटीएम, फोनपे, अमेजन पे आदि को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि यूजर्स इन एप को इस्तेमाल करते वक्त खुद को एसएमएस अलर्ट, ईमेल और नोटिफिकेशन के लिए भी रजिस्टर करें, ताकि यूजर्स द्वारा कोई भी ट्रांजैक्शन होने पर उसकी जानकारी उन्हें तुरंत मिल सके।

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कंपनियों को अपने ग्राहकों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने के भी निर्देश दिए हैं। केन्द्रीय बैंक के निर्देशों के तहत अब मोबाइल वॉलेट कंपनियों को 24 घंटे कस्टमर केयर हेल्पलाइन शुरु करने होंगे। जहां उपभोक्ता किसी भी तरह की धोखाधड़ी या परेशानी की स्थिति में अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। रिजर्व बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन के दौरान सिक्योरिटी और कंपनियों की जवाबदेही भी मजबूत करने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक ने ये गाइडलाइन भी जारी की है कि यदि पीड़ित को धोखाधड़ी/कंपनियों की लापरवाही कोई नुकसान होता है तो घटना के 3 दिन के अंदर शिकायत करने पर पीड़िता को कंपनी उसका पैसा वापस करेगी। इतना ही नहीं यदि उपभोक्ता इस मामले में शिकायत नहीं भी करता है तो भी कंपनी को यूजर को रिफंड करना होगा।

साथ ही 10 हजार या उससे कम की रकम की धोखाधड़ी होन के 4-7 दिनों के अंदर इसकी शिकायत करने पर कंपनी उपभोक्ता ये रकम रिफंड करेगी। वहीं 7 दिनों के बाद शिकायत करने पर कंपनी आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक रिफंड करेगी। कंपनी को रिफंड की रकम शिकायत के 10 दिनों के अंदर उपभोक्ता को रिफंड करनी अनिवार्य होगी। वहीं सभी शिकायतों का निपटारा कंपनी को शिकायत मिलने के 90 दिनों के अंदर करना होगा। यदि कंपनी द्वारा शिकायत का निपटारा तय समय सीमा 90 दिनों के अंदर नहीं किया जाता है तो कंपनी यूजर को धोखाधड़ी हुई रकम का भुगतान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई की ताजा गाइडलाइंस लागू होने के बाद देश से 95% मोबाइल वॉलेट कंपनियां काम करना बंद कर सकती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App