आधार से पकड़ा जाएगा राशन कार्ड का घपला, अगर आप भी लेते हैं दो जगह राशन! तो हो सकती है सजा

वन इंडिया वन नेशन योजना में बायोमेट्रिक पहचान के बाद मिलने वाले राशन से सरकारी गल्ला मालिक भी अब राशन की कालाबाजारी नहीं कर पाते।

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वन इंडिया वन नेशन योजना के बाद दो जगह राशन लेना हुआ असंभव।

वन इंडिया वन नेशन के तहत केंद्र सरकार ने देशभर के राशन कार्ड को एनआईसी सर्वर से जोड़ दिया है। जिसके बाद बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं। जो दो या दो से ज्यादा जगह पर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे लोगों की अब खैर नहीं है। क्योंकि इनका नाम राशन लिस्ट से तो कटेगा ही साथ में जुर्माना और सजा दोनों हो सकती हैं।

दरसअल केंद्र सरकार बीते कई महीनों से कोरोना महामारी की वजह से फ्री में राशन की सुविधा प्रदान कर रही है। जिसके चलते बहुत से लोगों ने दो शहर या राज्यों में अलग-अलग राशन कार्ड बनवा रखें हैं और इसका फायदा दोनों ही जगह उठा रहे हैं। लेकिन अब ऐसा होगा क्योंकि सरकार ने आधार कार्ड के जरिए वन इंडिया वन नेशन स्कीम में सभी राशन कार्ड जोड़ दिया है। जिससे दो जगह राशन लेने वालों के नाम उजागर होना शुरू हो गए हैं। आइए जानते हैं इसके बारें में….

वन इंडिया वन नेशन – केंद्र सरकार ने वन इंडिया वन नेशन के तहत देश भर के सभी राशन कार्ड को जोड़ दिया है। यह सभी राशन कार्ड अब एनआईसी सर्वर से जुडे़ हुए हैं। सभी कार्ड में उपभोक्ताओं का आधार नंबर दर्ज होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिसमें लाखों की संख्या में ऐसे लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। जिनके नाम दो कार्ड पर मौजूद हैं।

बायोमेट्रिक के बाद ही मिलता है राशन – वन इंडिया वन नेशन योजना की वजह से अब बायोमेट्रिक पहचान के बाद ही राशन मिलता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए किसी राशन कार्ड में 5 लोगों का नाम दर्ज है। ऐसे में जो व्यक्ति राशन लेने जा रहा है उसका नाम राशन कार्ड में होना चाहिए। जिसके बाद उसका अंगूठा एक डिवाइज पर लगाया जाता है। जब बायोमेट्रिक पूरा हो जाता है उसी के बाद पात्र लोगों को राशन दिया जाता है।

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सरकारी राशन की कालाबाजारी पर भी लगी रोक – वन इंडिया वन नेशन योजना में बायोमेट्रिक पहचान के बाद मिलने वाले राशन से सरकारी गल्ला मालिक भी अब राशन की कालाबाजारी नहीं कर पाते। क्योंकि गल्ला मालिक को जो स्टॉक मिलता है और जितने लोगों को राशन दिया जाता है। उसका पूरा ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज हो जाता है। ऐसे में सरकारी राशन की कालाबाजारी पर भी रोक लगी है।

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