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इन राशनकार्डधारकों को सीधे घर पर मिलेगा आटा, चावल और चीनी, हो रहा इंतजाम

योजना के तहत लाइसेंस हासिल करने वाली इन डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों को राशन सामग्री को लोगों के घर जाकर आपूर्ति करनी होगी। अगले छह से सात महीनों में टेंडरिंग प्रक्रिया और अन्य जरूरतों को पूरा करने के बाद रोल आउट किए जाने की उम्मीद है।

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राशन की दुकान में खड़ा ग्राहक।

दिल्ली के राशनकार्डधारकों को अब जल्द ही घर पर आटा, चावल और चीनी की डिलीवरी की जाएगी। ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ के तहत कार्डधारकों को यह फायदा पहुंचाया जाएगा। दिल्ली सरकार इसपर लगातार काम कर रही है और अब इसी कड़ी में केजरीवाल सरकार ने एक समिति का गठन किया है।

ये समिति ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना’ के तहत डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों को लाइसेंस देने के लिए गठित की गई है। इस समिति में कुल 6 सदस्य हैं और यह लाइसेंस से जुड़े काम पर फोकस करेगी और एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। अतिरिक्त आयुक्त (खाद्य और आपूर्ति) आनंद कुमार तिवारी, सहायक आयुक्त (नीति) राजेश आहूजा और सहायक आयुक्त (वितरण) देश राज सिंह समिति के सदस्यों में शामिल हैं।

खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, समिति को समिति को दिल्ली निर्दिष्ट अनुच्छेद (वितरण का विनियमन) आदेश, 1981 में आवश्यक संशोधनों पर सुझाव देने के लिए भी कहा गया है।किस डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों को लाइसेंस देना है और कैसे लोगों तक एजेंसियां घर तक राशन पहुंचाएंगी इसपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

योजना के तहत लाइसेंस हासिल करने वाली इन डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों को राशन सामग्री को लोगों के घर जाकर आपूर्ति करनी होगी। इसी साल जुलाई में, दिल्ली कैबिनेट ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी को मंजूरी दी थी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे ‘क्रांतिकारी’ कदम करार दिया था। केजरीवाल ने कहा था कि इस योजना को अगले छह से सात महीनों में टेंडरिंग प्रक्रिया और अन्य जरूरतों को पूरा करने के बाद रोल आउट किए जाने की उम्मीद है।

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