9 जिलों से निकलेगा साढ़े 22 हजार करोड़ में बना Purvanchal Express Highway, यात्रियों को मिलेंगी क्या-क्या सुविधाएं?

यह लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एनएच-731) पर स्थित गांव चौदसराय, जिला लखनऊ से शुरू होता है और यूपी-बिहार सीमा से 18 किमी पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 पर स्थित गांव हैदरिया में खत्म होता है।

Purvanchal Express Highway, UP, Narendra Modi
Purvanchal Express Highway की कुल लंबाई 340.824 किलोमीटर है। यह छह लेन वाला एक्सप्रेस-वे है, जिसे आठ लेन्स तक अपग्रेड किया जा सकता है। (फोटो सोर्स: टि्वटर/@PoonambenMaadam)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (16 नवंबर, 2021) पूर्वांचल एक्सप्रेस हाईवे (Purvanchal Expressway) का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर डेढ़ बजे के आसपास उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला में करवल खीरी में होगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे नौ जिलों से होकर निकलेगा। इसकी लंबाई 340.824 किलोमीटर है। यह लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (एनएच-731) पर स्थित गांव चौदसराय, जिला लखनऊ से शुरू होता है और यूपी-बिहार सीमा से 18 किमी पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 पर स्थित गांव हैदरिया में खत्म होता है।

एक्सप्रेस-वे फिलहाल छह लेन चौड़ा है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। लगभग 22,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे से उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग, विशेष रूप से लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जिलों के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

इस एक्सप्रेस-वे पर 22 फ्लाईओवर, सात रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), सात प्रमुख पुल, 114 छोटे पुल, छह टोल प्लाजा, 45 व्हीकुलर अंडरपास (वीयूपी), 139 लाइट वीयूपी, 87 पेडेस्ट्रियन अंडरपास और 525 बॉक्स कल्वर्ट्स होंगे।

नए एक्सप्रेस वे में सीएनजी स्टेशंस, गाड़ियों के लिए इलेक्ट्रिक रीचार्ज स्टेशंस भी होंगे और इसे आगरा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से डिफेंस कॉरिडोर (रक्षा गलियारे) से जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेस-वे को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहनों की आवाजाही के लिए डिजाइन किया गया है, पर गति 100 किमी प्रति घंटे तय की गई है।

वहां सुरक्षा और चिकित्सा आपात स्थिति के लिए पुलिस वाहन, मवेशी पकड़ने वाले वाहन और 16 एम्बुलेंस तैनात किए जाएंगे। सरकार ने कहा है कि वह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे यात्रियों को ईंधन और समय बचाने और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के साथ कम दुर्घटनाओं में मदद करेगा।

यह एक्सप्रेस-वे उनमें से है, जो राज्य के सभी कोनों को भविष्य के लिए तैयार रोड कनेक्टिविटी मुहैया कराएगा। इनमें पहले से खुला दिल्ली-मेरठ लिंक एक्सप्रेसवे (96 किमी), बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (296 किमी), गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे (92 किमी), गंगा एक्सप्रेसवे (600 किमी), लखनऊ कानपुर एलिवेटेड नेशनल एक्सप्रेसवे (63 किमी) शामिल हैं।

  • गाजीपुर से लखनऊ तक का सफर पहले के मुकाबले आसान होगा
  • एक्सप्रेस-वे के किनारे बनने वाले कॉरिडोर से पनपेंगे रोजगार के मौके
  • माना जा रहा है कि लघु कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा
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