Post Office Savings Schemes with risk free returns and tax free interest, Check Details - बिना जोखिम अच्छे रिटर्न और टैक्स में भी छूट, इन पोस्ट ऑफिस बचत स्कीम में लगा सकते हैं पैसा - Jansatta
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बिना जोखिम अच्छे रिटर्न और टैक्स में भी छूट, इन पोस्ट ऑफिस बचत स्कीम में लगा सकते हैं पैसा

भारत में 1 लाख 54 हजार पोस्ट ऑफिस हैं और इनके जरिये बिना जोखिम वाले रिटर्न और टैक्स में बचत वाली स्कीमों का लाभ लिया जा सकता है। यहां ऐसी तीन बचत योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- pixabay)

भारत में 1 लाख 54 हजार पोस्ट ऑफिस हैं और इनके जरिये बिना जोखिम वाले रिटर्न और टैक्स में बचत वाली स्कीमों का लाभ लिया जा सकता है। 1. 15 वर्षीय पीपीएफ अकाउंट: 15 साल के लिए किस्तों पर पैसा जमा होता है, 7.6 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज मिलता है और पूरी तरह टैक्स छूट का फायदा मिलता है। टैक्स छूट आयकर की धारा 80 सी के तहत मिलती है। इसमें ज्वाइंट अकाउंट का प्रावधान नहीं है, खाता सिर्फ एक आदमी के नाम खुलता है। कम से कम 100 रुपए में खाता खोला जा सकता हैं। एक वित्त वर्ष के दौरान कम से कम 500 रुपए जमा करने होंते हैं। साल भर में ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। रकम किश्तों जमा नहीं करनी है तो एकमुश्त भी जमा की जा सकती है। खाता खुलने के तीसरे वर्ष में लोन की सुविधा भी मिलती है। सातवें वर्ष में रकम की आंशिक निकासी की जा सकती है लेकिन एक वित्त वर्ष में ऐसा एक बार ही किया जा सकता है।

2. पोस्ट ऑफिस एफडी अकाउंट: पोस्ट ऑफिस में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को टर्म डिपॉजिट (टीडी) कहते हैं। 200 रुपये में खाता खुलता है। 200 के गुणांक (mulitplier) में जितने चाहें, रुपये जमा करा सकते हैं। अधिकतम जमाराशि का कोई प्रतिबंध नहीं है। एक डाकखाने में एक व्यक्ति के नाम कई खाते खोले जा सकते हैं। ज्वाइंट खाते का भी प्रावधान है। खातों की स्थिति को बदलने की भी आजादी है। सालाना ब्याज मिलता है लेकिन वह क्वाटरली कंपाउंड इंटरेस्ट के हिसाब से मिलता है। मसलन, 1 साल की एफडी पर 6.6 फीसदी, 2 साल की एफडी पर 6.7 फीसदी, 3 साल की एफडी पर 6.9 फीसदी और 5 साल की एफडी पर 7.4 फीसदी ब्याज मिलता है। टैक्ट छूट 5 साल की एफडी कराने पर मिलती है, जो कि धारा 80 सी के तहत दी जाती है। बच्चों की एफडी भी खुल सकती है, 10 साल से छोटे बच्चे की एफडी को अभिभावक संचालित कर सकता है। कभी भी नोमिनी बना सकते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी दूसरे डाक खाने में अकाउंट ट्रांसफर करा सकते हैं।

3.राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी): 5 साल के लिए रकम लगानी होती है। यह संयुक्त रूप से काम नहीं करता है। 10 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम पर भी अभिभावक इसे खरीद सकता है। 10 साल से ज्यादा उम्र का बच्चा खुद अपने नाम पर एनएससी खरीद सकता है। एनएससी लेने के लिए कम से कम 100 रुपये और अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र 100, 500, 1000, 5000 और 10,000 के मूल्य वर्ग में उपलब्ध हैं। रकम पर सालाना चक्रवृद्धि आधार पर 7.6 फीसदी ब्याज मिलता है। भुगतान मेच्योरिटी यानी पांच साल में ही होता है। आयकर की धारा 80 सी के तहत इसमें टैक्स छूट मिलती है। जरूरत पड़ने पर एनएससी किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किए जा सकते हैं, लेकिन यह एक बार ही किया जा सकता है।

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