PM Kisan Yojana: लाभार्थी सूची के लिए ऐसे शॉर्टलिस्ट होते हैं किसानों के नाम, जानें पूरा प्रॉसेस

PM Kisan Yojana: लैंड के रिकॉर्ड की जांच के बाद किसान द्वारा आवेदन में अटैच किए गए दस्तावेजों की जांच होती है। अगर वे भी सही पाए जाते हैं तो फिर किसान योजना के पोर्टल में लाभार्थी का नाम दर्ज कर लिया जाता है।

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पीएम किसान सम्मान निधि की आठवीं किस्त आ चुकी है

PM Kisan Yojana: प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। 2-2 हजार रुपये की तीन किस्त के जरिए किसानों को यह रकम डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के तहत सीधे उनके बैंक खातें में भेजी जाती है।

इस योजना को लेकर किसानों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं जिनमें से एक सवाल यह है कि आखिरकार इस योजना में आवेदन के बाद नाम कैसे शॉर्टलिस्ट होते हैं?

पीएम किसान योजना के नियमों के मुताबिक आवेदन करने के बाद राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में लैंड ऑनरशिप सिस्टम या लैंड के रिकॉर्ड का उपयोग बेनेफिशियरी की पहचान करने के लिए किया जाता है।

लैंड के रिकॉर्ड की जांच के बाद किसान द्वारा आवेदन में अटैच किए गए दस्तावेजों की जांच होती है। अगर वे भी सही पाए जाते हैं तो फिर किसान योजना के पोर्टल में लाभार्थी का नाम दर्ज कर लिया जाता है। पोर्टल पर किसान परिवार का नाम दर्ज करने की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्र शासित राज्य सरकारों की होती है। लाभार्थी सूची में नाम दर्ज होने के बाद किसानों को किस्त ट्रांसफर की जाती हैं।

नियमों के मुताबिक कोई भी किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है चाहे उसके पास 2 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन ही क्यों न हो। हालांकि जब 2019 में इस स्कीम को शुरू किया गया था तो सिर्फ जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन थी, उन्हें ही पात्र माना गया था। बता दें कि इस योजना के तहत अबतक आठ किस्त जारी की जा चुकी हैं और अब जल्द नौवीं किस्त जारी की जाएगी।

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