चुनावों से पहले किसानों को दी जाने वाली PM Kisan Scheme की रकम हो सकती है दोगुणी, जानें- अकाउंट में नहीं आए पैसे तो क्या करना होगा काम?

सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी सीएसी मतलब कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

Farmer, India News, National News
पंजाब के लुधियाना में गांव के खेत में एक किसान। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः गुरमीत सिंह)

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कुछ और राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार किसानों को बड़ा तोहफा दे सकती है। कहा जा रहा है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान स्कीम) के तहत अन्नदाताओं को दी जाने वाली रकम जल्द ही दोगुणी की जा सकती है। केंद्र अगर यह फैसला लेता है, तब किसानों को छह हजार रुपए के बजाय 12 हजार रुपए मिल सकते हैं। मौजूदा समय में उन्हें दो-दो हजार रुपए की तीन किस्तें प्रत्येक साल में दी जाती हैं।

सूत्रों के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कुछ रोज पहले कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भेंट की थी। जानकारी के मुताबिक, इस मीटिंग में किसानों को दी जाने वाली रकम (पीएम किसान के तहत) को दोगुणा करने पर भी बातचीत हुई। वैसे, इस मसले को लेकर फिलहाल किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया गया है।

दरअसल, केंद्र सरकार इस योजना के अंतर्गत हर किसान परिवार को हर साल कुल छह हजार रुपए देती है। इस रकम को तीन किस्तों में दिया जाता है। यानी कि एक किस्त दो हजार रुपए की होती है। हर चार माह के बाद सम्मान वाली यह रकम अन्नदाताओं के पंजीकृत बैंक अकाउंट में सीधे पहुंचा दी जाती है।

सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी सीएसी मतलब कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। स्थानीय पटवारी, राजस्व अफसर और योजना के लिए राज्य सरकार की ओर से नॉमिनेटेड नोडल अफसर से भी यह काम (रजिस्ट्रेशन) कराया जा सकता है।

पंजीकरण के बाद pmkisan.gov.in की वेबसाइट पर जाकर लाभार्थी अपना नाम भी चेक कर सकते हैं, जहां उन्हें गांव के सभी लाभार्थियों की रिपोर्ट/लिस्ट मिल जाती है। वे इसमें इस तरीके से अपना नाम ढूंढ सकते हैं। वैसे, कुछ मामलों में देखा गया है कि खाते में पैसा आने में देरी होती है या किसी कारणवश वह नहीं आ पाता है। इस स्थिति में लाभार्थी लेखपाल, कानूनगो और जिला कृषि अफसर से संपर्क साधें।

अगर स्थानीय स्तर पर इस मामले में समस्या न हल हो पाए, तब वे केंद्रीय कृषि मंत्रालय की आधिकारिक हेल्पलाइन 155261 पर भी सहायता ले सकते हैं। यही नहीं, टोल फ्री 1800115526 नंबर पर भी आप अपनी समस्या बता सकते हैं।

पढें यूटिलिटी न्यूज समाचार (Utility News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट