scorecardresearch

PM Kisan का गलत तरीके से लाभ लेने वालों से की जाती है रिकवरी, योजना में फर्जीवाड़ा रोकने को अब यह दस्तावेज जरूरी

PM-Kisan Scheme के तहत कुछ ऐसी श्रेणियां भी हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ किसी हालत में नहीं मिलता है।

pm kisan, farmer, utility news
पश्चिम बंगाल के नदिया जिला में एक खेत में काम करते किसान। (फाइल फोटोः पीटीआई)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला में कई लोगों ने गलत तरीके से लाभ ले लिया। अब उन्हीं लोगों पर कार्रवाई के तहत उन्हें चिह्नित कर के रिकवरी की जा रही है। कृषि विभाग तहसीलों के जरिए ऐसे लोगों से सभी किस्तों की रिकवरी की प्रक्रिया में जुटा है। साथ ही पीएम किसान पोर्टल पर उनकी पहचान कर बाकी किस्तों को रोकने में जुटा है।

दरअसल, कृषि विभाग को कुछ वक्त पहले जन सुनावई पोर्टल के जरिए शिकायत दी गई थी कि हर्रैया तहसील के कौड़ीकौल में कुछ लोगों ने गलत तरीके से पीएम किसान निधि योजना के तहत सहाता राशि पा ली। कंप्लेंट का संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग ने जांच कराई तो उसमें आरोप सही पाए गए।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने इंद्रावती, विनोद कुमार और विनय कुमार द्वारा योजना की हासिल किस्तों की रिकवरी के लिए एसडीएम को सूचना दे दी गई है। तीनों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी और फिर उनसे रकम रिकवर की जाएगी। जो गलत तरीके से स्कीम लेते हैं या लेने की कोशिश करते हैं, उन्हें किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि रिकवर की गई रकम पीएम किसान सम्मान निधि रिफंड में जमा करा दी जाएगी। इस बीच, पीएम किसान योजना के तहत फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पोर्टल पर राशन कार्ड (Ration Card) देना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को इसे पीडीएफ फॉर्मेट में कनवर्ट करके साइट पर अपलोड करना होगा। बगैर इसे जमा किए केंद्र की ओर से आपकी अगली किस्त नहीं जारी की जाएगी।

बता दें कि पीएम किसान पीएम किसान योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी जानकारी को छुपाता है या गलत देता है, तब उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती है। गलत जानकारी देने वाले आदमी की पहचान होने पर उसे योजना के तहत अयोग्य माना जाता है। कानून के अनुसार, वह उसे जारी की गई किश्तों को वापस करने के लिए उत्तरदायी होगा। साथ ही उस पर अन्य दंडात्मक कार्रवाइयां भी की जा सकती हैं।

पढें यूटिलिटी न्यूज (Utility News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट