PM Kisan का दुरूपयोग तो नहीं हो रहा? इस बात की निगरानी करती है मोदी सरकार; कृषि मंत्री ने स्कीम को लेकर कही यह बात

बकौल कृषि मंत्री, “यह योजना शुरू करते समय अनुमान था कि किसानों की कुल संख्या करीब 15.5 करोड़ है और अद्यतन सूची के अनुसार किसानों की संख्या 12.5 करोड़ है जिनमें से करीब 11.5 करोड़ किसानों का पंजीकरण हो गया है।”

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार (तीन दिसंबर, 2021) को राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का दुरूपयोग नहीं हो, इसके लिए केंद्र लगातार विभिन्न राज्यों के संपर्क में है।

उन्होंने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक देश भर में 11.5 करोड़ किसानों के खातों में 1.60 लाख करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। तोमर उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब दे रहे थे।

तोमर के मुताबिक, केंद्र सरकार इस बात की निगरानी करती है कि इस योजना का दुरूपयोग नहीं हो और इसके लिए वह लगातार राज्यों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कई उपाय किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निधि का दुरूपयोग नहीं हो।

बकौल कृषि मंत्री, “यह योजना शुरू करते समय अनुमान था कि किसानों की कुल संख्या करीब 15.5 करोड़ है और अद्यतन सूची के अनुसार किसानों की संख्या 12.5 करोड़ है जिनमें से करीब 11.5 करोड़ किसानों का पंजीकरण हो गया है।” उन्होंने आगे बताया कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है ।

तोमर ने कहा कि शेष किसानों को भी इस योजना से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले पश्चिम बंगाल इस योजना में शामिल नहीं था लेकिन अब वह भी इससे जुड़ गया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने ये सारी बातें ऐसे वक्त पर कहीं जब कुछ ही रोज बाद इस योजना की 10वीं किस्त दी जाने वाली है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री किसानों के खातों में 15 दिसंबर के आसपास योजना के तहत दी जाने वाले सहायता राशि लाभार्थी किसानों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कराएंगे।

बता दें कि पीएम किसान भारत सरकार से 100% वित्त पोषण के साथ एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। यह एक दिसंबर, 2018 से प्रभाव में है। इस योजना के तहत सभी किसान परिवारों को 6000 हजार रुपए प्रति साल की आय सहायता दी जाती है। योजना के लिए परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं।

राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन उन किसान परिवारों की पहचान करता है जो योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार समर्थन के पात्र हैं, जबकि इसके तहत मिलने वाला फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। हालांकि, योजना के लिए कुछ बहिष्करण श्रेणियां भी हैं, जो इस स्कीम का लाभ नहीं पा सकते।

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