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NPS में किया है निवेश तो आपके लिए अच्‍छी खबर! सिर्फ 3 साल बाद ही निकाल सकेंगे रकम

कानूनी रूप से गोद लिए या अपने बच्चे की उच्च शिक्षा अथवा शादी के लिए निवेशक एनपीएस के तहत आंशिक निकासी कर सकते हैं।

NPS में इनवेस्‍ट करने वाले सिर्फ 3 साल बाद ही पैसा निकाल सकते हैं।

नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एनपीएस की निकासी के नियमों में हाल ही में बदलाव किए हैं। अचानक आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए टीयर 1 के निवेशकों के लिए एनपीएस के तहत आंशिक निकासी की सुविधा की न्यूनतम अवधि को ज्वाइनिंग की तारीख से 10 साल से घटाकर 3 साल कर दिया गया है। यह नियम 10 अगस्त 2017 से प्रभाव में आ गया।

दो आंशिक निकासी के लिए 5 वर्षों के जरूरी अंतराल की अवधि को भी हटा दिया गया है। यह नियम भी 10 अगस्त 2017 से प्रभावी है। एक निवेशक एनपीएस के तहत अंशदान की अवधि (जब तक एनपीएस के लिए पैसा जमा किया जाता है) के दौरान तीन बार आंशिक निकासी कर सकते है। हालांकि, प्रत्येक निकासी निवेशक और नियोक्ता द्वारा जमा किए गए रकम से 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

एनपीएस के तहत टीयर 1 के निवेशक निम्न परिस्थितियों में आंशिक निकासी कर सकते हैं। 
* कानूनी रूप से गोद लिए या अपने बच्चे की उच्च शिक्षा अथवा शादी के लिए।
* अपने नाम पर कोई आवासीय फ्लैट खरीदने या बनाने के लिए। यदि निवेशक के पास पहले से पैतृक संपत्ति के अलावा अपने नाम पर कोई आवासीय फ्लैट या घर है तो ऐसी स्थिति में आंशिक निकासी की सुविधा नहीं मिलती।
* यदि निवेशक, उसके बच्चे, उनके उपर आश्रित अभिभावक किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं तो एनपीएस के तहत आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। इन बीमारियों में कैंसर, किडनी फेल, प्राइमरी पुलमोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन, मल्टीपल स्केलेरोसिस, आर्गन ट्रांसप्लांट, बायपास सर्जरी, एओर्टा ग्राफ्ट सर्जरी, हार्ट वाॅल्व सर्जरी, स्ट्रोक, मायोकार्डिअल इंफ्रैक्शन, कोमा, अंधापन, लकवा, गंभीर दुर्घटना शामिल है।

* स्कील डेवलपमेंट/री-स्किलिग या किसी अन्य सेल्फ डेवलपमेंट एक्टिविटी के खर्च के लिए भी आंशिक निकासी की जा सकती है।
* निवेशक अपना कोई नया वेंचर या स्टार्टअप्स शुरू करने के लिए भी एनपीएस के तहत आंशिक निकासी की सुविधा प्राप्त कर सकते है।
* यदि विकलांगता व अक्षमता की वजह से निवेशक अपने मेडिकल और आकस्मिक खर्च को पूरा नहीं कर पा रहा है, तो इसके लिए भी एनपीएस के तहत आंशिक निकासी की जा सकती है।
* एनपीएस के तहत आंशिक निकासी के लिए यह जरूरी है कि निवेशक अपने ज्वाइनिंग की तारीख से कम से कम तीन साल से अंशदान कर रहे हो।

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