स्मॉल सेविंग स्कीम पर ब्याज में कटौती का आदेश वापस, जारी रहेंगी पुरानी दरें

निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा ‘सरकार की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें पहले की दरों पर बनी रहेंगी, जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में मौजूद थीं, अर्थात जो दरें मार्च 2021 तक लागू थीं।

Finance Minister Nirmala Sitharaman
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटो- ट्विटर)

स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दर में कटौती का आदेश सरकार ने वापस ले लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। वित्त मंत्री ने कहा है कि पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।

निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा ‘सरकार की छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें पहले की दरों पर बनी रहेंगी, जो फिस्कल ईयर 2020-21 की आखिरी तिमाही पर थीं। सरकार ने जो नया आदेश दिया है उसे वापस ले लिया जाएगा।’

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी एनएससी और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) जैसी अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज कटौती से लाखों करोड़ों जमाकर्ताओं को नुकसान झेलना पड़ता।

पीपीएफ की ब्याज दर में 70 बेसिस प्वाइंट की तो एनएससी की ब्याज दर में 90 बेसिस प्वाइंट की कटौती का एलान किया गया था। स्मॉल सेविंग स्कीमों पर ब्याज दरों को 4 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया था।

सुकन्या समृद्धि योजना में भी भारी कटौती की गई थी। इस स्कीम में 7.6 फीसदी सलाना का ब्याज मिल रहा था जो कि इस दर पर आगे भी मिलता रहेगा। सरकार ने इसे घटा कर 6.9 फीसदी कर दिया था जिससे निवेशकर्ताओं की जेब पर सीधा असर होता। सरकार ने पिछले साल भी 1 अप्रैल को ही छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की थी।

एक साल वाले टाइम डिपाजिट में 1.10 फीसदी की कमी की गई थी। वहीं सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के ब्याज में भी कटौती की गई थी। सरकार ने इस स्कीम के तहत मिलने वाले 7.4 फीसदी सालाना ब्याज दर को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया था।

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