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ये 5 तरह के आएं फोन कॉल तो हो जाएं सावधान, बैंकिंग फ्रॉड से बचाएंगी ये 6 आदतें

धोखाधड़ी करने वाले हमेशा ही ग्राहकों को शिकार बनाने के लिए ऐसे ही लुभावने या फिर कई बार धमकाने और डराने वाले फोन कॉल्स करते हैं। उनका अंतिम मकसद आपके खाते ही जानकारी को हासिल करना ही होता है। एनपीसीआई ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।

चित्र का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है

टेक्नोलॉजी के बढ़ते दौर में लोग बैंकिंग और डेबिट/क्रेडिट कार्ड की धोखाधड़ी का खूब शिकार हो रहे हैं। इस धोखाधड़ी का बड़ा कारण लोगों में जागरूकता का अभाव होना भी है। खाताधारकों को अलर्ट करने के लिए नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन इंडिया(एनपीसीआई) ने जागरूकता अभियान की शुरूआत की है। इस अभियान के तहत लोगों को ये बताया जाएगा कि आजकल आॅनलाइन ठग लोगों को कैसे चूना लगाते हैं और वह कैसे इन्हें पहचानकर उनसे बच सकते हैं। खासतौर पर जब पेमेंट यूपीआई से किया जा रहा हो।

एनपीसीआई के द्वारा जारी किए गए जागरूकता वीडियो में ये बताया गया है कि आॅनलाइन ठग आपको किसी भी वक्त इस तरह के फोन करके बहकाने की कोशिश कर सकते हैं। जैसे

  1. ”बधाई हो सर, आपने दो करोड़ रुपये की लॉटरी का इनाम जीता है। कृपय अपनी यूपीआई आईडी और यूपीआई पिन की जानकारी हमें दे दें।”
  2. ”बधाई हो सर, हम मोबाइल कनेक्शन पर आपकी क्रेडिट लिमिट को बढ़ा रहे हैं। आपको सिर्फ एक काम करना है, आप हमें एक एसएमएस भेज दें।”
  3. ”सर, आपने दो लाख रुपये का इनाम जीता है। आप सिर्फ हमारी कलेक्ट रिक्वेस्ट को स्वीकार करें जो आपकी यूपीआई आईडी पर भेजी जाएगी और जल्दी से पे कर दें।”
  4. ”सर, ऐसा दिख रहा है कि आपके अकाउंट में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। हमने आपको एक ओटीपी भेजा है ताकि आपके खाते को किसी भी धोखे से बचाने के लिए रजिस्टर किया जा सके। आप तुरंत ही अपने खाते का ओटीपी हमारे साथ साझा करें।”
  5. ”सर, आपके डेबिट कार्ड मेें धोखाधड़ी पूर्ण गतिविधि और पैसे निकालने की घटना देखी गई है। आप तुरंत ही अपने डेबिट कार्ड की जानकारी हमारे साथ साझा करें।”

चूंकि धोखाधड़ी करने वाले हमेशा ही ग्राहकों को शिकार बनाने के लिए ऐसे ही लुभावने या फिर कई बार धमकाने और डराने वाले फोन कॉल्स करते हैं। उनका अंतिम मकसद आपके खाते ही जानकारी को हासिल करना ही होता है। एनपीसीआई ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। एनपीसीआई ने कहा ​है कि साझा करना ही हर बार देखभाल करना नहीं होता है।

एनपीसीआई ने बैंक ग्राहकों को ऐसे ठगी करने वाले फोन कॉल्स से बचने के तरीके भी बताए हैं। कॉर्पोरेशन ने अपने वीडियो में कहा है,”कोई भी आसानी से ऐसी स्थिति से बच सकता है। लेकिन बस वह सिर्फ अपनी जानकारियां किसी से न साझा करे या फिर वह अपने खाते के संबंध में कोई भी जानकारी किसी के कहने पर साझा न करे। वह न तो नया सिम कार्ड रजिस्टर करे और न ही किसी के भी साथ अपने ओटीपी की जानकारी साझा करे। याद रखें कि कोई भी प्रतिष्ठित और जिम्मेदार संस्था न तो आपको कॉल करती है और न ही आपसे ऐसी कोई जानकारी मांगती है।”

आपको धोखाधड़ी से बचाने के लिए एनपीसीआई ने गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन के मुताबिक,

  1. आप अपने डेबिट कार्ड, ओटीपी, यूपीआई आईडी और पिन की जानकारी फोन पर किसी के भी साथ साझा न करें। इस जानकारी को देने से आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है।
  2. किसी भी अज्ञात नंबर पर अज्ञात कोड के साथ एसएमएस न भेजें, इससे आपके सिम को हैक करके धोखाधड़ी की जा सकती है।
  3. कभी भी अपुष्ट स्रोतों पर पैसे न भेजें।, इससे भी आपको फंसाकर ठगी की जा सकती है।
  4. कभी भी किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने लेनदेन की जानकारी को साझा न करें। इस तरीके से भी आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
  5. किसी भी संदिग्ध गतिविध पर आप अपने बैंक या टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करके किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में रिपोर्ट कर सकते हैं।
  6. किसी भी किस्म की समस्या या मुश्किल आने पर आप अपने बैंक की नजदीकी शाखा या टेलीकॉम आॅपरेटर के दफ्तर में कोई भी एक्शन लेने से पहले संपर्क कर सकते हैं।

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