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सड़क हादसे में मौत पर मिलेगा 15 लाख का मुआवजा, इंश्योरेंस पॉलिसी में होने वाला है यह बदलाव

आईआरडीएआई के निर्देश अक्टूबर 2017 में दिए गए मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के आलोक में दिए गए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया था कि निजी दुर्घटना कवर की एक लाख रुपये की मौजूदा राशि को बढ़ाकर कम से कम 15 लाख रुपये करें।

Author September 22, 2018 5:11 PM
सड़क दुर्घटना की प्रतीकात्मक तस्वीर। एक्सप्रेस आर्काइव

अब सभी मोटर पॉलिसी में निजी दुर्घटना सुरक्षा शामिल होगी। इससे गाड़ी चलाते वक्त वाहन मालिक/चालक की मृत्यु की स्थिति में 15 लाख रुपये का कवर मिलेगा। इस कदम से दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी। खासतौर पर दो पहिया चालकों को इससे विशेष राहत मिलेगी जो अक्सर बीमित नहीं होते हैं। इंश्योरेंस नियामक आईआरडीएआई ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे वार्षिक पॉलिसी में 750 रुपये अतिरिक्त प्रीमियम लेकर सभी श्रेणी के वाहनों के मालिकों-चालकों को ये कवर उपलब्ध करवाएं। ये इंश्योरेंस कवर का आवश्यक हिस्सा होगा जिसे खरीदना सभी वाहन मालिकों को खरीदना पड़ेगा।

लंबी अवधि के तीसरे पक्ष का मोटर बीमा आदेश में शामिल है जबकि बीमा को सभी और थर्ड पार्टी दोनों कवरों के साथ अनिवार्य रूप से दिया जाना है। बीमा नियामक ने ये कंपनियों पर छोड़ दिया है कि वे लंबी वक्त की पॉलिसियों की कीमत कैसे तय करती हैं। इससे पहले के आदेश में बीमा कंपनियों के लिए अनिवार्य किया गया था कि वे दो पहिया वाहनों के लिए पांच साल का थर्ड पार्टी कवर और चार पहिया वाहनों के लिए तीन साल का लंबी अ​वधि का बीमा प्लान भी उपलब्ध करवाएं।

आईआरडीएआई के निर्देश अक्टूबर 2017 में दिए गए मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के आलोक में दिए गए हैं। कोर्ट ने आईआरडीएआई को आदेश दिया था कि वे निजी दुर्घटना कवर की एक लाख रुपये की मौजूदा राशि को बढ़ाकर कम से कम 15 लाख रुपये करें। इससे वाहन मालिकों के परिजनों को दुर्घटना में शारीरिक क्षति होने या मृत्यु की स्थिति में कुछ राहत पहुंचाई जा सकेगी।

आईआरडीएआई ने अपने सर्कुलर में कहा है,” कवर वाहन के मालिक-चालक को दिया जाएगा, जब वे गाड़ी चला रहे हों। इसमें गाड़ी में बैठने के दौरान, उतरने के दौरान या बीमित वाहन में सहचालक के तौर पर यात्रा करते वक्त भी कवर मिलेगा।”

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बजाज अलियांज जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ तपन सिंघल ने कहा कि ये अच्छा संकेत है क्योंकि ये भारत में बीमा न करवाने के मामले को उठाता है। उन्होंने कहा,”मेरा दृढ़ विश्वास है कि उचित निजी दुर्घटना बीमा लेना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे पॉलिसी धारक और उसके परिवार के सदस्यों को दुर्घटना के कारण चोट लगने या अपंगता होने की स्थिति में जरूरी वित्तीय मदद मिल जाती है।”

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