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NEW TRAFFIC RULES: आपके स्मार्टफोन में होंगे ये दो ऐप तो नहीं कटेगा चालान! जान लीजिए डिटेल्स

हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि वाहन के दस्तावेजों को स्कैन कर फोन में सेव करने से आप जुर्माने से नहीं बच सकोगे और स्कैन कॉपी को लीगल दस्तावेज नहीं माना जाएगा।

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डिजिलॉकर और एमपरिवहन एप में डाउनलोड दस्तावेजों को लीगल माना जाएगा। (एक्सप्रेस फोटो)
बीते दिनों सरकार ने मोटर व्हीकर एक्ट में बदलाव किए हैं, जिनके बाद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ट्रैफिक पुलिस भी इस दौरान काफी सख्ती बरत रही है और लोगों के खूब चालान कट रहे हैं। हालांकि सख्ती के बावजूद कुछ लोगों को अपने वाहन के कागजात हमेशा साथ लेकर चलना काफी मुश्किल काम लगता है, ऐसे में उनके लिए एक अच्छी खबर है।

दरअसल यदि आप स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो आप उसमें दो मोबाइल एप डाउलोड कर जुर्माने से बच सकते हैं। ये एप हैं Digilocker और mParivahan। इन दोनों एप में यूजर अपना ड्राइविंग लाइसेंस समेत वाहन से जुड़े अन्य जरुरी दस्तावेज स्टोर कर सकते हैं। इन दोनों मोबाइल एप में सेव दस्तावेज को बतौर लीगल दस्तावेज माना जाएगा और यूजर पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

बता दें कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह इन मोबाइल एप में दर्ज सॉफ्ट कॉपी को भी हार्ड कॉपी की तरह समझें। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि वाहन के दस्तावेजों को स्कैन कर फोन में सेव करने से आप जुर्माने से नहीं बच सकोगे और स्कैन कॉपी को लीगल दस्तावेज नहीं माना जाएगा।

mParivahan मोबाइल एप सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की है, जिसमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस वैलिडिटी, इंश्योरेंस वैलिडिटी आदि कागजात रियट टाइम के आधार पर सेव किए जा सकते हैं। सरकार ने बाकायदा सर्कुलर निकालकर इन दोनों मोबाइल एप में सेव कागजात की वैधता को स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं।

मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद वाहन चालकों के चालान कटने की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। जिससे लोगों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का डर भी बढ़ा है। हालांकि जुर्माने की ज्यादा राशि के कारण कुछ लोगों द्वारा इन बदलावों की आलोचना भी का जा रही है। यही वजह है कि कुछ राज्यों में अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं हुआ है, वहीं कुछ राज्यों में जुर्माने की राशि में कमी कर नए प्रावधानों को लागू किया है।

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