scorecardresearch

किसानों के लिये विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है- बोले कृषि मंत्री

उन्होंने इसके फायदे बताते हुए कहा कि इसमें ई-नो यॉर फार्मर (ई-के वाई एफ) के माध्यम से किसान के सत्यापन का प्रावधान है जिससे विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों को भौतिक दस्तावेज को फिर से जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

किसानों के लिये विशिष्ट पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है- बोले कृषि मंत्री
पंजाब के पटियाला में अपने खेत में एक किसान। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः हरमीत सोढ़ी)

सरकार ने मंगलवार को बताया कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से देश के किसानों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र (आईडी) बनाने की प्रक्रिया चल रही है। लोकसभा में पी वेलुसामी और के षणमुग सुंदरम के प्रश्न के लिखित उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी।

सदस्यों ने पूछा था कि क्या सरकार का किसानों के लिये विशिष्ट पहचान पत्र (आईडी) बनाने का कोई विचार है? इस पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘‘ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा देश के किसानों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र (आईडी) बनाने की प्रक्रिया चल रही है। किसान का विशिष्ट पहचान पत्र उन सभी कृषि योजनाओं से जोड़ेगा, जिनका लाभ किसान ने प्राप्त किया है।’’

उन्होंने इसके फायदे बताते हुए कहा कि इसमें ई-नो यॉर फार्मर (ई-के वाई एफ) के माध्यम से किसान के सत्यापन का प्रावधान है जिससे विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों को भौतिक दस्तावेज को फिर से जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

तोमर ने बताया कि इससे क्षेत्र आधारित और अनुकूल सलाह सुगम हो सकेगी और इसके माध्यम से प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों के कारण फसल को हुए नुकसान के आकलन में आसानी होगी।

इससे पहले, सितंबर 2021 में हमारे सहयोगी अखबार ‘दि इंडियन एक्सप्रेस’ के लिए हरिकिशन शर्मा ने ‘फॉर ईजी एक्सेस टू स्कीम्स, गवर्नमेंट प्लान्स 12 डिजिट यूनीक आईडी फॉर फॉर्मर्स, डेटाबेस’ शीर्षक से स्टोरी लिखी थी।

उनकी उस रिपोर्ट में कृषि और किसान कल्याण के एडिश्नल सेक्रेट्री विवेक अग्रवाल के हवाले से बताया गया था कि हर किसान के लिए एक यूनीक आईडी सरकार की पहल का हिस्सा है, जिसके तहत विभिन्न योजनाओं से लेकर डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इनमें पीएम किसान योजना आदि शामिल रहेंगी।

मंत्रालय में डिजिटल एग्रिकल्चर डिविजन के प्रमुख अग्रवाल ने तब अखबार को बताया था- हमारा मकसद एक एकीकृत किसान सेवा इंटरफेस बनाने का है। यूनीक आईडी उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं का निर्बाध रूप से लाभ उठाने में सक्षम बनाएगी और केंद्र और राज्य सरकारों को खरीद कार्यों की बेहतर योजना बनाने में मदद करेगी।

पढें यूटिलिटी न्यूज (Utility News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 14-12-2021 at 03:01:06 pm
अपडेट