मोदी सरकार ने लॉन्च की डोर स्टेप बैंकिंग सर्विस, जानें क्या होती है और क्या मिलेंगे आपको फायदे

वित्तीय सेवाएं अक्टूबर 2020 से शुरू हो जाएंगी। पब्लिक सेक्टर बैंकों के ग्राहक मामूली चार्ज पर इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

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भारतीय करंसी 2 हजार रुपये के नोट। Express photo by Subham Dutta

पब्लिक सेक्टर बैंकों की ‘डोर स्टेप बैंकिंग’ सर्विस बुधवार (9 सितंबर) को लॉन्च कर दी गई है। ग्राहकों को इसके जरिए बैंकिंग से जुड़ी कई सेवाएं घर बैठे मिलेंगी। यह पहल ‘इन्हैंसड एक्सेस एंड सर्विस एक्सीलेंस सुधारों का हिस्सा है, जिन्हें फाइनेंशियल सर्विस डिपार्टमेंट ने 2018 में पेश किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘डोर स्टेप बैंकिंग’ सर्विस को लॉन्च किया। फिलहाल देश के 100 शहरों से इस सेवा की शुरुआत की जाएगी।

वित्तीय सेवाएं अक्टूबर 2020 से शुरू हो जाएंगी। पब्लिक सेक्टर बैंकों के ग्राहक मामूली चार्ज पर इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इस सर्विस का फायदा उन बैंक ग्राहकों को सबसे ज्यादा होगा जो कि ज्यादा बुजुर्ग हैं और बैंक शाखा में जाने में अमसर्मथ महसूस करते हैं। सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों ग्राहकों को बैंकों में लंबी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए ये सर्विस कारगार साबित हो सकती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए बैंकों को बुनियादी बैंकिंग सेवाएं देने के लिए कदम उठाने की सलाह दे चुका था जिसके बाद सरकार ने इसपर एक्शन प्लान तैयार किया है। डोरस्टेप बैंकिंग की नींव भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ साल पहले रखी थी।

ग्राहक वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और कॉल सेंटर के जरिए ‘डोर स्टेप बैंकिंग’ सर्विस का इस्तेमाल कर सकेंगे। ग्राहक इन चैनलों के माध्यम से अपने सर्विस रिक्वेस्ट को भी ट्रैक कर सकते हैं। घर बैठे चेक, डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर पिक करने जैसी नॉन फाइनेशियल सर्विस के साथ पैसों के लेन-देन से जुड़ी सेवाएं मिलेंगी।

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