Ladli Laxmi Yojna: CM ने बांटी छह करोड़ की स्कॉलरशिप, जानें- कौन है योग्य और कैसे पाया जा सकता है लाभ?

सीएम चौहान ने सिंगल क्लिक के जरिए ‘लाड़ली लक्ष्मी उत्सव’ के अंतर्गत प्रदेश की 21 हजार 550 लाडलियों के खातों में 5.99 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति ट्रांसफर की।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः ताशी तोबग्याल)

बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में लाडली लक्ष्मी योजना के तहत छह करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप बांटी। 14 अक्टूबर, 2021 को सूबे की राजधानी भोपाल में हुए ‘लाडली लक्ष्मी उत्सव’ के तहत मध्य प्रदेश की 21,550 लड़कियों को इस छात्रवृत्ति का लाभ मिला। उन्होंने इस दौरान कहा कि प्रदेश में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य- सुविधा, स्वावलंबन, समृद्धि और उनका सम्मान ही सरकार की प्राथमिकता है। यह केवल मामा की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

बकौल सीएम, “प्रदेश में बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण देने, बैंक ऋण पर सरकार की तरफ से गारंटी देने का कार्य किया जाएगा। उच्च शिक्षा के लिए शिक्षण शुल्क की व्यवस्था की जाएगी। कालेज में दाखिला लेने वाली लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को 25 हजार रूपए की राशि दी जाएगी। संगीत और चित्रकला जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।” मुख्यमंत्री आगे बोले- प्रदेश में माता-पिता के बिना, अनाश्रित स्थिति में मिली बेटियों को भी लाली लक्ष्मी मानकर योजना के लाभ दिलाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार ने लाडलियों के कल्याण के लिए 47 हजार 200 करोड़ रुपए सुरक्षित रखे हैं, जो समय-समय पर इन्हें मिलना है। लाडलियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाडली लक्ष्मी योजना-02 का प्रारूप शीघ्र अंतिम रूप लेगा। बता दें कि म.प्र में बेटियों की सुरक्षा के साथ उन्हें आत्म-निर्भर बनाने के लिए साल 2007 से शुरू की लाडली लक्ष्मी योजना में अभी तक लगभग 40 लाख लाडली लक्ष्मी बन चुकी हैं। इन सभी लाडली लक्ष्मियों को राज्य सरकार ने न केवल लखपति बनाया है, बल्कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ उच्च शिक्षा की भी जिम्मेदारी निभाई जा रही है।

कैसे करें आवेदन और पंजीकरण?: जरूरी दस्तावेजों के साथ सीधे या आंगनवाडी कार्यकर्ता के माध्यम से परियोजना कार्यालय/लोक सेवा केन्द्र अथवा किसी भी इंटरनेट कैफे से आवेदन/रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। (प्रकरण स्वीकृति के लिए सभी दस्तावेजों का परीक्षण परियोजना कार्यालय से कराया जाना होगा। फिर प्रकरण स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया जा सकेगा।) प्रकरण स्वीकृति के बाद बेटी के नाम से शासन की ओर से 1,18,000/- रुपए का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

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