Know these are the easy Tricks to Know how much Gas is inside LPG Cylinder - सिलेंडर में गैस कम तो नहीं दे गया ड‍िलीवरी ब्‍वॉय, ऐसे लगा सकते हैं पता - Jansatta
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सिलेंडर में गैस कम तो नहीं दे गया ड‍िलीवरी ब्‍वॉय, ऐसे लगा सकते हैं पता

ऐसे में सिलेंडर में गैस की मात्रा जानने का तरीका काम आता है। हम यहां सिलेंडर हिला-डुलाकर गैस की मात्रा मापने की बात नहीं कर रहे। हालांकि, घर-घर में गैस की मात्रा आंकने-मापने का तरीका चलायमान है। अगर आप भी यह तरीका अपनाते तो फौरन इसे छोड़ दें।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

एलपीजी सिलेंडर में लगभग 14 किलो गैस होती है। मगर जरूरी नहीं कि जो सिलेंडर आपको मिला, उसमें पूरी गैस हो। डिलीवरी ब्वॉय कई बार कम गैस वाले सिलेंडर दे जाते हैं। अक्सर यह बात लोगों को नहीं पता लग पाती है। वे सिलेंडर रखकर गैस के पूरे पैसे चुका देते है। लेकिन उन्हें उसके बदले में पूरी गैस नहीं मिलती।

ऐसे में सिलेंडर में गैस की मात्रा जानने का तरीका काम आता है। हम यहां सिलेंडर हिला-डुलाकर गैस की मात्रा मापने की बात नहीं कर रहे।  चूल्हे में कम आंच आने पर गैस की मात्रा को समझा जा सकता है। आंच सामान्य से हल्की होने पर या उसका रंग बदलने पर मात्रा का अंदाजा जाता है। हालांकि, स्पष्ट वजन तो नहीं मालूम पड़ पाता। मगर इतना जरूर पता चल जाता है कि गैस खत्म होने वाली है।

सिलेंडर में 14 किलो 200 ग्राम गैस आती है, जबकि खाली सिलेंडर का वजन 15 किलो 300 ग्राम होता है। ऐसे में गैस सहित सिलेंडर का वजन 29 किलो 500 ग्राम होता है। आपको गैस पूरी मिली है या नहीं, यह पता लगाने में हैंगिंग बैलेंस (वजन मापने वाला यंत्र) काम आता है। हैंगिंग बैलेंस की मदद से चेक करें कि डिलीवरी ब्वॉय कितनी गैस दे गया है। अगर सिलेंडर का वजन 29 किलो 500 ग्राम से कम होगा, तो उसमें गैस कम होगी।

वहीं, गैस खत्म होने की कगार पर आते-आते यह पीली हो जाती है। ऐसे में समझ लेना चाहिए कि सिलेंडर जवाब देने वाला है। लोग इसके बाद सिलेंडर को हिलाकर देखते हैं और बदल देते हैं। सिलेंडर को हिलाने या उठाकर परेशान होने के बजाय एक आसान और बेहतर तरीका गैस की मात्रा आंकने का होता है।

सबसे पहले एक गीला पोंछा या कपड़ा लें। फिर उसे सिलेंडर पर अच्छे से फेरें। कोशिश हो कि सिलेंडर की ऊपरी परत इस दौरान गीली हो जाए। अब आपको उसके थोड़ा सा सूखने का इंतजार करना होगा। दो-तीन मिनट बाद आपको सिलेंडर का जितना हिस्सा सूखा नजर आए। समझें कि उतनी गैस खत्म हो चुकी है, जबकि जो हिस्सा गीला होगा। उतने में गैस सिलेंडर में बची होगी।

यूं चेक करें एक्सपायरी डेटः गैस सिलेंडर के गोल हैंडल के नीचे तीन सर्पोटर होते हैं। तीनों में से एक पर एक्सपायरी डेट कोड लिखा रहता है। मसलन डी-06। अब इसका मतलब क्या होता है, यह समझने के लिए आपको ये कोडिंग समझनी पड़ेगी।

सिलेंडर में इस जगह पर लिखी रहती है एक्सपायरी डेट। (फोटोः सोशल मीडिया)

ए- जनवरी – मार्च (पहला क्वार्टर)
बी- अप्रैल – जून (दूसरा क्वार्टर)
सी- जुलाई – सितंबर (तीसरा क्वार्टर)
डी- अक्टूबर – दिसंबर (चौथा क्वार्टर)

अक्षर के बाद जो संख्या लिखी होगी, सिलेंडर उस साल तक वैध होगा। उदाहरण के तौर पर डी-06 का मतलब होगा 2006 का दिसंबर क्वार्टर। ऐसे में अगली बार जब डिलिवरी ब्वॉय सिलेंडर लेकर आए, तो आप एक्सपायरी डेट चेक करना न भूलें। कई बार एक्सपायरी डेट वाली जगह पर कुछ स्टीकर भी चिपका दिए जाते हैं, ऐसे में सावधान रहें।

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