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IRCTC: ट्रेन मे मेडिकल इमर्जेंसी या चाहिए सुरक्षा मदद? ये हैं सहायता प्राप्त करने के तरीके

IRCTC, Indian Railway Train emergency facility: यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ के जवान चलती ट्रेन में मौजूद रहते हैं। वहीं, किसी तरह की वारदात होने पर स्टेशन पर मौजूद जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज की जाती है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटो: Freepik)

IRCTC, Indian Railway Train emergency facility: भारतीय रेल अपने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा के लिए हर संभव प्रयास करती है। यही वजह है कि रेलवे में हमेशा नए बदलाव हो रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलती ट्रेनों में रेलवे सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहते हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन पर एंबुलेंस व अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती है। आज हम आपको बता रहे हैं कि रेल यात्रा करते समय यदि कभी मेडिकल इमर्जेंसी या अन्य दूसरी मदद चाहिए तो आपको क्या करना होगा ताकि जल्द से जल्द आपकी समस्या दूर हो जाए।

सुरक्षित यात्रा: सभी यात्री चाहते हैं कि उनकी यात्रा सुरक्षित हो। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल का गठन किया गया। यात्रा के दौरान सुरक्षा में किसी तरह की परेशानी, छेड़खानी, चोरी, डकैती जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ जवान चलती ट्रेनों में मौजूद रहते हैं। यदि कभी आपको यात्रा के दौरान असुरक्षा महसूस हो तो तत्काल जीआरपी के हेल्प लाइन नंबर 1512, सिक्योरिटी हेल्पलाइन नंबर 182 पर कॉल कर सकते हैं। वहीं, @RailMinlndia के टि्वटर अकाउंट पर ट्वीट कर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

मेडिकल सुविधा: अब बात मेडिकल सुविधा की करते हैं। यदि यात्रा के दौरान अचानक किसी मेडिकल सर्विस की जरूरत पड़ जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। ट्रेन के सुपरीटेंडेंट, गार्ड्स या पैंट्रीकार मैनेजर के पास फर्स्ट एड बॉक्स रहता है। किसी आपातकालीन स्थिति में आप ट्रेन में चल रहे टिकट निरीक्षक से बात करें। वे तत्काल सुविधा उपलब्ध करवाने की कोशिश करेंगे। जरूरत पड़ने पर वे आगामी स्टेशन पर फोन कर स्टेशन मास्टर की सहायता से मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाने का काम करेंगे। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यात्री अपनी यात्रा को स्थगित कर सकते हैं।

अन्य सुविधाएं: यात्री यदि को एक स्टेशन पर उतरने के कुछ घंटों बाद दूसरी ट्रेन पकड़नी हो तो या तो वे वेटिंग रूम में इंतजार कर सकते हैं या फिर अपना सामान क्लॉक रूम में रख उस शहर को घूमने के लिए भी निकल सकते हैं। वेटिंग रूम का कोई चार्ज नहीं लगता है जबकि क्लॉक रूम में सामान रखने पर कुछ पैसा देना होता है। इसी तरह से देश के कुछ स्टेशनों पर दिव्यांगों और अक्षम व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर की भी सुविधा उपलब्ध करवायी जाती है। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है। हालांकि, इसके लिए बुकिंग पहले ही करवानी पड़ती है। यह सेवा पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर दी जाती है।

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