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मॉनसून में कार-बाइक का ऐसे रखेंगे ख्‍याल तो आप भी रहेंगे सुरक्षित

मौसम की इस करवट के बीच बाहर निकला कठिन हो जाता है। खासकर कार और मोटरसाइकिल से। कारण- जगह जगह जलभराव, नाली का पानी और कीचड़ होता है। ये कार-बाइक के टायर, मडगार्ड से लेकर उसके ऊपरी हिस्से तक को नुकसान पहुंचाता है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

मॉनसून दस्तक दे चुका है। बारिश कुछ राज्यों में गर्मी से राहत दिला रही है, तो कई जगहों यह आफत बनी हुई है। मौसम की इस करवट के बीच बाहर निकला कठिन हो जाता है। खासकर कार और मोटरसाइकिल से। कारण- जगह जगह जलभराव, नाली का पानी और कीचड़ होता है। ये कार-बाइक के टायर, मडगार्ड से लेकर उसके ऊपरी हिस्से तक को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में कुछ सरल टिप्स अपनाकर आप गाड़ियों के साथ खुद को भी सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।

बारिश के बीच गाड़ी में सफर के दौरान टायर आपकी लाइफलाइन जैसे होते हैं। ध्यान रहे कि पुराने और घिस चुके (गंजे) टायर बरसात का मौसम आने से पहले बदलवा दें। एक्सपर्ट्स के अनुसार, टायरों पर कम से कम एक एमएम की ट्रेड (उभरे हुए रबड़ के दाने) होनी चाहिए। ये बारिश में गाड़ी की ग्रिप सड़क पर बनाए रहते हैं और फिसलने से बचाते हैं। विंडशील्ड वॉशर फ्लुइड भी बरसात में बड़ा काम आता है, क्योंकि ये गाड़ी का शीशा चकाचक रखता है। आप इसे किसी ऑटो एसेसरीज वाले या पेट्रोल पंप से खरीद सकते हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

वैसे घर पर शैंपू और पानी मिलाकर देसी विंडशील्ड वॉशिंग फ्लुइड भी बना सकते हैं। बस कपड़े धुलने वाली बट्टी का इस्तेमाल न करें। उससे शीशे पर चमक आने के बजाय निशान पड़ जाएंगे। चूंकि वाइपर्स (रबड़ के) शीशे साफ करते हैं, इसलिए ध्यान रखें कि वे पुराने और गर्मी के कारण सिकुड़ या कट-फट न गए हों। अगर बारिश का पानी साफ करने के लिए आप उन्हीं पुराने वाइपर्स को इस्तेमाल करेंगे, तो हो सकता है कि आपके शीशे पर स्क्रैच पड़ जाएं।

मड गार्ड या मड फ्लैप भी बारिश के बीच बड़ा काम आता है। यह न सिर्फ आपकी गाड़ी को गंदा होने से बचाता है, बल्कि आपके कपड़ों पर भी कीचड़ और गंदे पानी के छींटे नहीं पड़ने देता। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कीचड़ या जलभराव के बीच गाड़ी चलाते वक्त गति धीमे रखें। मूसलाधार बारिश के समय कई बार सामने कुछ नजर नहीं आता। ऐसे में दूसरों के लिए भी अन्य वाहनों को देखना मुश्किलदेह हो जाता है। ऐसे में हेडलैंप और फॉगलैंप, इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करें।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

मॉइस्चर (आद्रता) गाड़ियों के लिए बरसात में काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। ऐसे में गाड़ी के नीचे वाले हिस्से, इंजन के पास और लीफ स्प्रिंग पर आप डीजल व जला हुआ मोबिल लगा सकते हैं। आपकी गाड़ी को ये रस्ट से सुरक्षित रखेगा। मॉनसून के वक्त गाड़ी में बेलचा और रस्सी भी रखें, क्योंकि ये गाड़ी के मिट्टी या कीचड़ में फंसने पर काफी काम आएंगे।

सड़क पर गाड़ी पानी में बंद हो जाए, तब उसे दोबारा स्टार्ट न करें। ऐसा करने पर आपकी गाड़ी का इंजन लॉक हो सकता है। बढ़िया होगा कि आप उसे धक्का लगवाकर या किसी अन्य वाहन की मदद से घसिटवाकर पानी से बाहर निकलवाएं। गाड़ी चलाने के दौरान सड़क के किनारे पर भी जाने से बचना चाहिए, क्योंकि उस दौरान फिसलने की आशंका रहती है।

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