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नौकरी, बैंक अकाउंट न हो तो भी मिल सकता है लोन, जानें क्‍या हैं तरीके

हर लोन के लिए अलग-अलग मापदंड होते हैं। ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप लोन की पात्रता के पैमानों पर खारिज कर दिए जाएं।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Pixabay)

नौकरी और बैंक खाता न होने पर भी लोन लिया जा सकता है। दरअसल, लोन कई किस्म के होते हैं। मसलन पर्सनल लोन, होम लोन और ऑटो लोन। पर हर लोन के लिए अलग-अलग मापदंड होते हैं। ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप लोन की पात्रता के पैमानों पर खारिज कर दिए जाएं। वहीं, उधार देने वाले बैंकों के भी अपन-अपने नियम व शर्तें होती हैं। आइए जानते हैं कि लोन्स लेने से जुड़े तरीके व अहम बातें:

– डिजिटल इंडिया के दौर में लोग लोन भी ऑनलाइन लेने लगे हैं। ऐसे में कारोबार, शिक्षा या अन्य निजी जरूरतों के लिए कोलेट्रल (Collateral-Free) लोन लिया जा सकता है। खास बात है कि इसके लिए बैंक के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ते। यह लोन ऑनलाइन मिलता है।

– ऑनलाइन लोन देने वाले प्लैटफॉर्म्स के अलावा आप अनसिक्योर्ड लोन भी ले सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको बैंक जाना होगा। ये तनख्वाह और क्रेडिट स्कोर के आधार पर मिल जाता है।

– लोन के लिए बैंक खाता व उसका स्टेटमेंट भी चाहिए होता है। लेकिन हर बैंक या लेंडर ये चीजें मांगे ऐसा जरूरी नहीं है। अहम चीज है- लोन चुकाने की क्षमता को साबित करना। अगर कर्ज लेने वाला व्यक्ति ये बात दस्तावेजों के आधार पर साबित कर लेता है, तो वह सिक्योर्ड व अनसिक्योर्ड लोन पा सकता है।

– आमतौर पर बैंक उन लोगों को लोन देते हैं, जो नौकरीपेशा या कुछ न कुछ पेशेवर काम करते हैं। मगर बिना नौकरी के भी लोन पाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री जरूरी है या फिर आपकी गारंटर/को-ऐप्लिकेंट अच्छा क्रेडिट स्कोर रखता हो।

– अगर आप पूर्व में समय पर पेमेंट्स करते रहे हैं, तब कर्ज देने वाले आपको सिक्योर्ड लोन बिना किसी गारंटर के भी दे सकते हैं।

– क्रेडिट स्कोर भी लोन लेने के दौरान काफी अहम होता है। बैंक इसी आधार पर लोन के आवेदन को मंजूरी देते हैं और खारिज भी कर देते हैं। हालांकि, हर किस्म के लोन के मामले में ये नियम लागू नहीं होता।

– बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत है? अगर हां, तो कंपनी से आपको ब्याजमुक्त लोन मिल सकता है। आप उसे प्रति माह तनख्वाह में से कुछ हिस्सा कटवा कर आसानी से चुका सकते हैं।

– जो लोग एफडी, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड्स, शेयर और बीमा में निवेश करते हैं, उन्हें लोन के लिए अधिक कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती। हालांकि, इसके लिए कुछ तय समय तक लगातार निवेश करना जरूरी होता है।

(रंजीत पुंजा, सीईओ व सहसंस्थापक, क्रेडिटमंत्री)

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