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वोटर लिस्ट में नहीं जुड़वा पाए हैं नाम? यहां भरें फॉर्म; जानें क्या है पूरी प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने कुछ समय पहले वेब बेस्ड ऐप भी शुरू की थी, जिसके जरिए नए वोटर कार्ड्स के पंजीकरण को लेकर एसएमएस अलर्ट्स भेजे जाते हैं।

तस्वीा का प्रयोग प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना बेहद आसान है। यह काम ऑनलाइन और ऑफलाइन किया जा सकता है, जिसके लिए कुछ फॉर्म और जरूरी दस्तावेज लगते हैं। यही नहीं, वोटर लिस्ट में गलत नाम, पता व  अन्य जानकारी में संशोधन भी कराया जा सकता है, जबकि अलग-अलग जगहों पर दो वोटर आईडी बनने पर एक डिलीट भी कराया जा सकता है। आइए जानते हैं ये सारी चीजें कैसे होती हैं:

नाम जुड़वाने के लिएः वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना पड़ता है। आवेदक को इसमें मांगी गई डिटेल्स भरकर बूथ लेवेल ऑफिसर (बीएलओ) के पास देना होगा, जिसके कुछ वक्त बाद वोटर लिस्ट में नाम जोड़ दिया जाएगा।

डिलीट कराने के लिएः अगर कोई वोटर एक जगह से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है, उसकी मृत्यु हो गई हो या फिर वोटर लिस्ट में उसके नाम से गलत एंट्री हो गई हो। ऐसी स्थिति में आवेदक को उसे वोटर लिस्ट से हटवाने (डिलीट कराने के लिए) के लिए फॉर्म-7 भरना होगा।

संशोधन के लिएः अगर वोटर लिस्ट में आपके नाम, पिता के नाम, उम्र या अन्य विवरण में गलती चली गई हो या फिर इलेक्टोरल फोटो आईडी (ईपीआईसी) में कोई गड़बड़ी हो, तो फॉर्म-8 भर कर उसे सही कराया जा सकता है। यहां आवेदक को आईडी प्रूफ की जरूरत पड़ेगी।

ऑनलाइन भी हो सकता है यह कामः वोटर लिस्ट में अपने नाम व अन्य ब्यौरे से जुड़े ये काम ऑनलाइन भी कराए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया और भी सरल है। सबसे पहले आपको नेशनल वोटर्स सर्विस पोर्टल (एनवीएसपी) की साइट https://www.nvsp.in पर जाना होगा। यहां होमपेज पर आपको कई विकल्प मिलेंगे। अब अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन लें। फिर आगे आपको उसी प्रक्रिया से जुड़ा फॉर्म भरना होगा, जिसके बाद रजिस्टर्ड ईमेल पर नोटिफेकेशन भेजा जाएगा। उस मेल में अपडेशन से जुड़ी जानकारी और आवेदन आईडी होगी। आईडी के जरिए यूजर अपनी ऐप्लीकेशन ट्रैक कर सकेंगे, जबकि एक महीने में वोटर आईडी बन कर या संशोधित होकर आ जाएगा।

क्या चाहिए होंगे दस्तावेज-

1- एक पासपोर्ट साइज फोटो
2- आईडी प्रूफ (जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, डीएल, पैन कार्ड या हाईस्कूल मार्कशीट)
3- स्थाई पते का प्रमाण (राशन कार्ड, पासपोर्ट, डीएल या यूटिलिटी बिल)

यह भी जानें: चुनाव आयोग ने इसके अलावा वेब बेस्ड ऐप भी शुरू की थी, जिसके जरिए नए वोटर कार्ड्स के पंजीकरण को लेकर एसएमएस अलर्ट्स भेजे जाते हैं। इससे पहले, आयोग ने डोर-टू-डोर सर्वे कराया था, जिसमें बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर लोगों के नाम व पते वोटर लिस्ट में जोड़ते थे।

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