Ration Card के बगैर भी अब यहां इन्हें मिल जाया करेगी पेंशन- सीएम ने किया साफ

मुख्यमंत्री के मुताबिक, दस स्कूल भवन भी बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य देखभाल के लिए जिला स्तर पर आठ एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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लाठी के सहारे खड़ीं एक बुजुर्ग विधवा। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अभिषेक साहा)

झारखंड में अब विधवा पेंशन (Indira Gandhi National Widow Pension Scheme (IGNWPS), Jharkhand) पाने के लिए राशन कार्ड रखना अनिवार्य नहीं होगा। यह चीज सोमवार (25 अक्टूबर, 2021) को खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ की। उन्होंने यह बात गोड्डा जिले में 34.58 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन और कई परियोजनाओं की आधारशिला रखने के दौरान कही।

राज्य सरकार के बयान के मुताबिक, ”विधवा पेंशन पाने के लिए अब राशन कार्ड की जरूरत नहीं होगी। असहाय विधवाओं को सरकार पेंशन मुहैया कराएगी।” आगे इसमें बताया गया कि सीएम ने जिले में कई योजनाओं का उद्घाटन किया और 26.18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

सोरेन ने अनुकंपा के आधार पर पात्र व्यक्तियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को घर की चाबियां और पत्र वितरित किए। विभिन्न परियोजनाओं के लाभार्थियों के बीच साढ़े छह करोड़ रुपए की संपत्ति वितरित की गई। गोड्डा में एक विद्युत उपकेन्द्र का भी उद्घाटन किया गया, जबकि सुंदर बांध के लिए विस्थापित गांवों में लिफ्ट सिंचाई सुविधाओं की आधारशिला रखी गई।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, दस स्कूल भवन भी बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य देखभाल के लिए जिला स्तर पर आठ एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार सीएम रोजगार सृजन योजना, फूलो झानो योजना और मुख्यमंत्री पशुधन योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

बकौल मुख्यमंत्री, “सरकार इस वर्ष को नियुक्ति वर्ष के रूप में मना रही है। विभिन्न विभागों द्वारा नियमावली तैयार की जा रही है, ताकि सभी विभागों में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जा सके।”

बता दें कि झारखण्ड सरकार अपने राज्य की निराश्रित महिलाओं को विधवा पेंशन मुहैया कराती है। स्कीम के तहत विधवा महिलाएं कवर होती हैं। हालांकि, इस पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए। विधवा पेंशन स्कीम का मुख्य उद्देश्य पति की मृत्यु के बाद घर में विधवा महिला की आय का स्रोत बनाना है।

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