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सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की तैयारी, IT नियमों होने वाला है बड़ा बदलाव; आपत्तिजनक कंटेंट पर देना होगा जवाब

सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे लोगों के लिए बेहद अहम जानकारी सामने आई है। जल्‍द ही गूगल, फेसबुक, व्‍हाट्सऐप और ट्विटर जैसे प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे लोगों को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Social Media | objectionable content | Facebook Post
Social Media पर शिकंजा कसने की तैयारी (फोटो-Freepik)

सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे लोगों के लिए बेहद अहम जानकारी सामने आई है। जल्‍द ही गूगल, फेसबुक, व्‍हाट्सऐप और ट्विटर जैसे प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे लोगों को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसा इसलिए, क्‍योंकि सरकार सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्‍द आईटी नियामों में बडे बदलाव किए जा सकते हैं।

इस संबंध में सरकार ने गुरुवार को एक बड़ी कंसल्टेशन मीटिंग भी रखी है, जिसमें सोशल मीडिया के नियमों को लेकर चर्चा होगी। दरअसल, सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को जिम्‍मेदार बनाने के लिए भारतीय कानूनों को लागू करने की कवायद कर रही है। जी बिजनेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्‍ट करता है तो उसकी जवाबदेही कंपनी की होगी।

साथ ही यूजर्स को और ज्‍यादा अधिकार देने की तैयारी की जा रही है, क्‍योंकि कई बार ऐसा होता है कंटेंट को लेकर यूजर्स शिकायत करते हैं, लेकिन कंपनियां उसकी अनदेखी कर देती हैं।

क्‍या है सरकार के नए नियम

  • अगर किसी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्‍ट किया है तो उसके पोस्‍ट की जवाबदेही कंपनियों की होगी।
  • किसी कंटेंट पर किसी ने आपत्ति जताया है तो 7 दिनों के अंदर उसकी सभी शंकाओं को दूर करना होगा। इसके साथ ही 72 घंटे के अंदर उस पोस्‍ट को सभी प्‍लेटफॉर्म से हटाना होगा। इसके अलावा जिसने पोस्‍ट की है उसे भी प्‍लेटफॉर्म से हटा दिया जाए।
  • इसके साथ ही उससे संबंधिक कोई भी सवाल आता है तो उसे एक महीने के दौरान इक्कठा करना होगा।
  • इसके अलावा सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर बनाना होगा और अधिकारी न्‍युक्‍त करना होगा।
  • वहीं सरकार के सभी नियमों का पालन करना होगा।

मानसून सत्र के दौरान पेश होगा बिल
सोशल मीडिया के इस बिल को इस मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का कहना है कि इस बिल की जरूरत इस वजह से भी है क्‍योंकि कई बार देखा गया है कि सोशल प्‍लेटफॉर्म से फेक न्‍यूज फैलाया गया है। इसलिए इस पर लगाम लगाने के लिए बिल पेश करने की तैयारी की जा रही है।

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