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IRCTC: पूर्वा एक्सप्रेस दुर्घटना की वजह से 20 से ज्यादा ट्रेनें रद्द, इन गाड़ियों के रूट में परिवर्तन

IRCTC Train Cancelled List: जिन ट्रेनों को रद किया गया है, उनमें नई दिल्ली-इलाहाबाद हमसफर एक्सप्रेस, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस शामिल है।

पूर्वा एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से कई ट्रेनों को रद्द किया गया। (प्रतीकात्मक तस्वीर- फाइल फोटो)

IRCTC Train Cancelled List: हावड़ा से नयी दिल्ली जा रही पूर्वा एक्सप्रेस (12303) के 12 डिब्बे शुक्रवार की देर रात कानपुर के चकेरी के पास पटरी से उतर गए थे। रेलवे से जारी बयान के अनुसार एस8,एस9 (स्लीपर क्लास),बी1 से बी5 (पांच थर्ड एसी) ए1, ए2 (दो सेकेंड सी) तथा एचए1 (प्रथम एसी), पैन्ट्री कार और एक एसएलआर डिब्बा पटरी से उतर गया। इसमें दस यात्री डिब्बे, एक पैंट्री कार तथा एक एसएलआर डिब्बा शामिल है। इस दुर्घटना की वजह से कई घंटों पर हावड़ा-नई दिल्ली लाइन पर परिचालन पूरी तरह बाधित रहा। कई घंटों की मशक्कत के बाद परिचालन शुरू किया गया। दुर्घटना के कारण 28 ट्रेनों रद्द कर दिया गया। वहीं, कई गाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। वहीं, चौरी-चौरा एक्सप्रेस

जिन ट्रेनों को रद किया गया है, उनमें नई दिल्ली-इलाहाबाद हमसफर एक्सप्रेस, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस और बिहार के सीतामढ़ी से चलकर आनंद विहार तक जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस, पटना से नई दिल्ली जाने वाली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस शामिल है। कुछ पैसेंजर ट्रेनों को भी रद्द किया गया, जिनमें इलाहाबाद-कानपुर पैसेंजर अप-डाउन, कानपुर-फफुंद पैसेंजर अप-डाउन, कानपुर-मानिकपुर पैसेंजर अप-डाउन, फतेहपुर-कानपुर पैसेंजर अप-डाउन शामिल है।

नई दिल्ली से वाराणसी जाने वाली ट्रेन नंबर 12560 शिवगंगा एक्सप्रेस के समय में बदलाव किया गया है। शनिवार की शाम 6:55 पर दिल्ली से रवाना होने वाली यह ट्रेन रविवार को रात 1 बजे रवाना होगी।

हालांकि, पूर्वा एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतरने के बावजूद न तो किसी यात्री की जान गयी और न ही अधिक यात्री घायल हुये जबकि केवल उप्र में पुराने ट्रेन हादसों का ही इतिहास देखें तो प्रत्येक ट्रेन हादसा कुछ न कुछ यात्रियों की जान जरूर लेता था। इसकी वजह एलएचबी कोच है। रेल अधिकारियों ने बताया कि ”पूर्वा ट्रेन” में देश में ही निर्मित अत्याधुनिक लिंक हॉफमेन बुश (एलएचबी) कोच लगे हुये थे जो मजबूत स्टेनलेस स्टील के बने होते है हल्के होते है और ट्रेन के पटरी से उतरने या टक्कर होने पर यह कोच एक दूसरे पर चढ़ते नहीं हैं। जबकि ट्रेनों के पुराने कोच:सीवीसी: पटरी से उतरने पर या दूसरी ट्रेन से टकराने से डिब्बे एक दूसरे पर चढ़ जाते थे और भारी जान माल का नुकसान उठाना पड़ता था।

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