ताज़ा खबर
 

IRCTC: फ्लेक्सी फेयर में राहत लेकिन मार्च से पहले नहीं कर पाएंगे सस्ते में सफर!

IRCTC New Delhi to Agra Train: रेलवे ने सितंबर 2016 को प्रीमियम रेलगाडियों के लिए फ्लेक्सी किराया योजना शुरू की थी, जिसमें 44 राजधानी, 52 दुरंतो और 46 शताब्दी गाड़िया शामिल थीं।

IRCTC: फ्लेक्सी फेयर में बदलाव का असर यात्रियों पर अगले साल मार्च में ही देखने को मिलेगा।

 IRCTC: 31 अक्टूबर को रेलवे ने एक बड़ा एलान करते हुए फ्लेक्सी फेयर में कमी करने की बात कही थी, जिसको यात्रियों के लिहाज से एक तोहफे के रूप में देखा जा रहा था। वहीं, इस बीच दीवाली जैसे त्योहार को देखते हुए माना जा रहा था कि रेलवे के इस कदम का यात्रियों को खासा लाभ मिलेगा, लेकिन इसके लिए अभी लोगों को इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि इस बदलाव को सुचारु रूप में आने में अभी वक्त लगेगा। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स की अगर माने तो रेलवे में किए गए इन बदलावों को कंप्यूटर सिस्टम में नई व्यवस्था के हिसाब से लाने में ही 15 से अधिक दिन लग जाएंगे, इसके बाद बाद जो लोग 120 दिन बाद का टिकट बुक कराएंगे उन्हें फ्लेक्सी में छूट का फायदा मिल सकेगा। ऐसे में ये कहना सही है कि इस बदलाव का असर यात्रियों पर अगले साल मार्च में ही देखने को मिलेगा।

बता दें कि रेलवे ने सितंबर 2016 को प्रीमियम रेलगाडियों के लिए फ्लेक्सी किराया योजना शुरू की थी, जिसमें 44 राजधानी, 52 दुरंतो और 46 शताब्दी गाड़िया शामिल थीं। वही, रेल मंत्रालय ने पिछले साल आई कैग रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए सालभर में 50 प्रतिशत से कम बुकिंग वाली 15 प्रीमियम रेलगाड़ियों पर से फ्लेक्सी किराया योजना को समाप्त कर दिया था। जबकि, 101 ट्रेनों में फ्लेक्सी किराये की दर को आधार मूल्य के 1.5 गुना की बजाय 1.4 गुना कर दिया था।

क्या था फ्लेक्सी फेयर सिस्टमः दरअसल, फ्लेक्सी फेयर सिस्टम पूरी तरह से सप्लाई-डिमांड पर निर्भर करता था। इसके तहत जिस समय टिकट की मांग ज्यादा होती थी उस वक्त टिकट की कीमतें भी बढ़ा दी जाती थीं, वहीं, जब टिकट की मांग घट जाती थी तो कीमतें भी सामान्य हो जाती थीं। ऐसे में त्योहारी सीजन में यात्रियों को इससे काफी मुसीबत का सामना करना पड़ता था। इस बाबत रेलवे के इस बदलाव को यात्रियों के लिए एक राहत के रूप में देखा जा रहा है लेकिन खबरों की मानें तो अभी इसके लिए उन्हें 15 मार्च तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App