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IRCTC ने बदला ट्रैवल इंश्‍योरेंस का नियम, जानिए कितना भुगतान कर कितने का मिलेगा एक्‍सीडेंटल बीमा

कोई भी ट्रेन यात्री जिन्होंने आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप का उपयोग करके ई-टिकट बुक किया है, ट्रैवल इंश्योरेंस को खरीद सकते हैं।

आईआरसीटीसी ने ट्रेवल इंश्योरेंस के नियमों में बदलाव किया है। पहले आईआरसीटीसी के द्वारा टिकट बुक करने पर यात्रियों को मुफ्त बीमा कवरेज दिया जा रहा था, लेकिन एक सितंबर से यह नियम बदल गया है। अब न तो यह जरूरी है और न हीं फ्री। यदि रेलयात्री इसके लिए भुगतान करते हैं तो उन्हें बीमा कवरेज दिया जाएगा अन्यथा नहीं। ट्रेन यात्रा के लिए आईआरसीटीसी साइट पर टिकट बुकिंग करते समय ‘ट्रैवल इंश्योरेंस’ का विकल्प दिखाई देता है। यहां यात्री के पास ऑप्शन है कि वे बीमा लें या नहीं। लेकिन इस बीमा राशि के लिए मात्र 68 पैसे भुगतान करने होते हैं, इसलिए यह सलाह दी जाती है कि यात्री बीमा कवर जरूर लें। मात्र 68 पैसे में ट्रेन दुर्घटना से लेकर डकैती तक के वारदात के लिए 10 लाख रूपये तक का बीमा कवर होता है।

लाइव मिंट के अनुसार, ट्रैवल इंश्योरेंस किसी भी ट्रेन दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना से होने वाली मृत्यु और स्थायी अक्षमता (परमानेंट डिजेबलिटी) के लिए 10 लाख रुपये का कवरेज प्रदान करता है। स्थायी आंशिक अक्षमता के लिए 7.5 लाख रुपये मिलते हैं। जख्मी होने पर अस्पताल में होने वाले खर्चों के लिए 2 लाख रुपये का कवरेज होता है। ट्रेन यात्रा के दौरान दुर्घटना, डकैती और अन्य हिंसक कृत्यों जैसे घटनाओं को इस पॉलिसी के तहत कवर किए जाते हैं।

कोई भी ट्रेन यात्री जिसने आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप का उपयोग करके ई-टिकट बुक किया है, इस ट्रैवल इंश्योरेंस को खरीद सकते हैं। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कोई बीमा नहीं है। ट्रैवल इंश्योरेंस स्कीम केवल भारतीय नागरिकों के लिए लागू होती है। विदेशी देशों के नागरिक इस योजना के लिए योग्य नहीं हैं। टिकट लेने के समय फ्लाइट टिकट बुकिंग वेबसाइट्स भी ट्रैवल इंश्योरेंस प्रदान करती हैं। हालांकि इसका चार्ज ज्यादा होता है।

इस योजना के लिए आईआरसीटीसी ने 3 बीमा कंपनियों रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ करार किया है। यात्री इन तीन कंपनियों में से एक से बीमा पॉलिसी खरीदते हैं, न कि आईआरसीटीसी से। इसलिए, सभी दावों को बीमा कंपनी की तरफ निर्देशित किया जाना चाहिए। टिकट बुक करने और ट्रैवेल इंश्योरेंस खरीदने के बाद पॉलिसी दस्तावेज बीमाकर्ता कंपनी द्वारा ईमेल आईडी पर भेजा जाता है। यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यात्री को संबंधित बीमा कंपनी की वेबसाइट पर नामांकन विवरण भरना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो दावे के मामले में निपटारा कानूनी वारिस के साथ किया जाएगा।

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