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हर महीने 10 हजार रुपये के निवेश से हो सकती है 2 करोड़ रुपये की कमाई! जानें तरीका

ELSS में इन्वेस्ट करने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं की गई है और किसी भी उम्र के व्यक्ति इसमें निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में 500 रुपए से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है।

Author Published on: November 1, 2018 12:49 PM
ELSS में निवेश करना साबित हो सकता है फायदे का सौदा। (express photo)

हमारे देश में निवेश के कई पारंपरिक तरीके हैं, जिनमें बैंक सेविंग, फिक्स्ड डिपॉजिट और विभिन्न गवर्नमेंट स्कीम आदि प्रमुख हैं। लेकिन देश में तेज आर्थिक विकास के साथ ही लोगों की कमाई में भी इजाफा हुआ है और इस दौरान युवा वर्ग भी निवेश को लेकर गंभीर हुआ है। युवा वर्ग यहां भी पारंपरिक तरीकों से हटकर नए क्षेत्रों में निवेश कर रहा है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स और इक्विटीज निवेश के बढ़िया ऑप्शन के रुप में उभरे हैं, जहां से निवेशक अच्छा खासा रिटर्न पा सकते हैं। ऐसा ही निवेश का एक बेहतरीन
ऑप्शन है Equity-Linked savings scheme(ELSS)। जिसमें निवेशक को टैक्स सेविंग, निश्चित ग्रोथ, अधिकतम रिटर्न, कम लॉक-इन पीरियड और उच्च ब्याज दर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। खास बात ये है कि ELSS को भारत सरकार द्वारा प्रमोट किया जाता है।

क्या है ELSS: ELSS म्यूचुअल फंड्स का ही एक रुप है। जिसे टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड स्कीम भी कहा जाता है। इस स्कीम के जरिए निवेशकों का पैसा इक्विटीज और इक्विटीज रिलेटिड प्रोडक्ट्स में निवेश किया जाता है, जिससे मार्केट के हिसाब से ऊंची ब्याज दर का फायदा मिलता है। ELSS में इन्वेस्ट करने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं की गई है और किसी भी उम्र के व्यक्ति इसमें निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में 500 रुपए से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है। इस स्कीम के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक के निवेश को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।

2 तरीके से कर सकते हैं ELSS में निवेशः ELSS में निवेश 2 तरीके से हो सकता है। ये तरीके हैं डिविडेंड फंड और ग्रोथ फंड। डिविडेंड फंड के तहत निवेशक एक निश्चित राशि निश्चित समय पर इंस्टालमेंट में 3 साल के लिए निवेश करता है। वहीं ग्रोथ फंड के तहत निवेशक एक कुल जमा निश्चित राशि को 3 साल के मिनिमम समय के लिए लॉक-इन कर देता है। मैच्योरिटी के बाद एक बड़ी राशि ब्याज सहित और बाजार की ग्रोथ के हिसाब से निवेशक को मिल जाती है। डिविडेंट फंड में निवेशक अपने बैंक खाते को SIP से कनेक्ट करा सकते हैं, जिससे निश्चित राशि ELSS के जरिए आपके खाते से जमा होती रहेगी।

10 हजार के निवेश पर मिल सकता है 2 करोड़ तक का रिटर्नः 3 साल के लिए लॉक-इन करने के कारण इस स्कीम में निवेशक को अच्छी खासी रकम मिलती है। Cleartax की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिक्सड डिपॉजिट पर जहां निवेशक को 5 साल के तक के निवेश पर 6-7% और पीपीएफ खातों में 15 साल में 7-8% का रिटर्न मिल पाता है। वहीं ELSS में सिर्फ 3 साल के वक्त में निवेशक को 10-18% तक का रिटर्न मिल सकता है। कुछ मामलों में तो यह रिटर्न 18% से भी ज्यादा हो सकता है।

आसान शब्दों में कह सकते हैं कि यदि कोई निवेशक ELSS में 500 रुपए महीने का निवेश 20 साल के लिए करता है तो उसे मैच्योरिटी पर 7.48 लाख से लेकर 11.54 लाख तक की रकम मिल सकती है।

उसी तरह 1000 रुपए महीने का निवेश आपको 20 साल बाद करीब 14.97 लाख से लेकर 23.08 लाख रुपए तक कमाकर दे सकता है।

इससे भी थोड़ा आगे जाएं और अगर हर माह ELSS में 10,000 रुपए का निवेश करें तो 20 साल बाद निवेशक करोड़पति बन सकता है। निवेशक को इस निवेश के बदले 1.49 करोड़ से लेकर 2.31 करोड़ रुपए तक मिल सकते हैं।

खास बात ये है कि ये स्कीम बाजार पर निर्भर है और आगामी 20 सालों में भारतीय बाजार में तेजी के अनुमान हैं। उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इस रकम के 2.31 करोड़ से भी ज्यादा होने की संभावना है। इसलिए ELSS स्कीम में इन्वेस्टमेंट आपके लिए कमाल के फायदे का सौदा साबित हो सकता है। यहां ये बात ध्यान रखने वाली है कि जितना आप लंबे समय के लिए इस स्कीम में इन्वेस्ट करेंगे, उतना ही आपको फायदा मिलेगा।

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