Indian Railways: वंदे भारत एक्सप्रेस को नई ट्रेन से बदलने की तैयारी, इन खामियों को किया जाएगा दूर

रेलवे अधिकारी ने कहा कि ट्रेन में जो भी बदलाव किए गए हैं वह यात्रियों और रेलवे में कर्मचारियों से प्राप्त सुझाव और प्रतिक्रिया के आधार पर ही किए गए हैं।

Indian Railways, Vande Bharat, Vande Bharat Express, Vande Bharat train, bullet train, IRCTC, railwayवंदे भारत एक्सप्रेस। (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

Indian Railways: भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को नई ट्रेन से बदलने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए ट्रेन में कई खामियों को दूर किया जाएगा। यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही नए अवतार में नजर आएगी। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, नई ट्रेन इस महीने के अंत तक पहुंच सकती है। और इसकी सेवा तब शुरू होगी जब पहले से मौजूद ट्रेन को रिपेयरिंग के लिए भेजा जाएगा।

ट्रेन 18 के नाम से विख्यात वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 15 फरवरी को हरी झंडी दिखाई थी। नई दिल्ली से वाराणसी रूट पर चलनी वाली इस ट्रेन की स्पीड 160 किलो मीटर प्रति घंटा है। इसको भारत की पहली ग्रीन ट्रेन भी कहा जाता है क्योंकि इसमें साफ-सफाई के लिए कैमिकल का इस्तेमाल न कर कार्बनिक सॉल्वैंट्स का इस्तेमाल किया जाता है।

दरअसल भारतीय रेलवे को ट्रेन से जुड़ी कई शिकायतें मिल रही थी जैसे की एडजस्टेबल सीटों का न होना, कैबिन में शोर, बॉटल होल्डर, वॉश बेसिन और वॉशरूम में कपड़ों का हैंगर की कमी आदि। नई ट्रेन में यात्रियों की इन सभी शिकायतों को दूर किए जाने की उम्मीद है।

वहीं आय दिन होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कैमरा लगा होगा जिससे पत्थरबाजों की पहचान की जा सके। रेलवे अधिकारी ने कहा ‘नई ट्रेन नई दिल्ली में मई महीने के अंत तक पहुंच जाएगी। जिसमें एडजस्टेबल सीट, आधुनिक तकनीक पर आधारित वॉशबेसिन होगी। इस ट्रेन का इस्तेमाल तब किया जाएगा जब पुरानी ट्रेन को रिपेयरिंग के लिए भेजा जाएगा। अभी यह ट्रेन एक हफ्ते में पांच बार चलती है जिससे ट्रेन को रिपेयर करने का समय नहीं मिल पाता।’

उन्होंने आगे बताया ‘ट्रेन के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद अबतक वंदे भारत एक्सप्रेस की अभी तक एक भी यात्रा को रद्द नहीं किया गया। कई बार तो ऐसा हुआ कि ट्रेन के टूटे हुए शीशों को 2 घंटे के भीतर बदल दिया गया जिससे ट्रेन अपने समय पर चल सके और यात्रियों को कोई परेशानी न हो। लेकिन अब नई ट्रेन आने वाली है जिसे स्टैंडबाय पर रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे बदला जा सके और पुरानी ट्रेन के उचित रख-रखाव के लिए उसे ले जाया जा सके।’

रेलवे अधिकारी ने कहा ‘ट्रेन में जो भी बदलाव किए गए हैं वह यात्रियों और रेलवे में कर्मचारियों से प्राप्त सुझाव और प्रतिक्रिया के आधार पर ही किए गए हैं।

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