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Indian Railways: किमी भर की दौड़ और पटाखों से धमाके, जानें खतरा होने पर कैसे ट्रेनें रुकवाते हैं गैंगमैन

गैंगमैन अपने तय दायरे में रहकर गश्त करते हैं। वे इस दौरान सुनिश्चित करते हैं कि कहीं रेल पटरियों पर क्रैक या अन्य गड़बड़ी तो नहीं है। इनका काम बेहद कठिन और जोखिमों से भरा होता है।

गैंगमैन का काम बेहद जोखिम भरा है। ड्यूटी के बीच कई बार उनका सामना सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों से भी हो जाता है। (फाइल फोटो)

रेल पटरी के चटकने (क्रैक) या टूटने पर उसे गैंगमैन दुरुस्त करते हैं। मरम्मत कार्य के दौरान खतरे से ट्रेनों के लोको पायलट्स (ड्राइवर) को आगाह करना भी उनकी जिम्मेदारी होती है। उन्हें इसके लिए कई बार तकरीबन एक किमी तक दौड़ लगानी पड़ती है। जिस दिशा से ट्रेन आ रही होती है, वह उसी तरफ बढ़ते हैं और वहां पटरियों पर पटाखों से धमाके करते हैं। ड्राइवर उसी से आगे पटरी पर होने वाली गड़बड़ी के बारे में सतर्क हो जाता है और ट्रेन रोक लेता है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर किस तरह गैंगमैन भारतीय रेलवे में रीढ़ जैसी भूमिका निभाते हैं।

कौन होता है गैंगमैन?: गैंगमैन अपने तय इलाके में रहकर गश्त करते हैं। वे इस दौरान सुनिश्चित करते हैं कि कहीं रेल पटरियों पर क्रैक या अन्य गड़बड़ी तो नहीं है। अगर उन्हें गड़बड़ी मिलती है, तो वह उसे दुरुस्त करने में जुट जाते हैं। इनका काम बेहद कठिन और जोखिम भरा होता है। रेलवे पटरियों का जायजा लेने के दौरान उनके पास भारी सामान भी होता है, जो उन्हें हर वक्त ढोना पड़ता है।

ये टूल्स होते हैं इनके पासः गैंगमैन के पास नट कसने वाला फिश बोल्ट स्पैनर, वॉक लाइट, टॉर्च और तीन रंगों वाला लैंप होता है। वह इस लैंप की मदद से ट्रेन के लोको पायलटों (ड्राइवर) को खतरे की स्थिति के संकेत देते हैं। साथ ही उनके पास दो किलो वजनी रॉड (स्टाफ) भी होती है।

ड्यूटी पर उठाते हैं जोखिमः कभी-कभार तो ड्यूटी के दौरान उनका सामना सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों (खासकर पिछड़े इलाकों में) तक से हो जाता है। यही नहीं, कई बार खराब मौसम में भी उन्हें रेलवे ट्रैक पर गड़बड़ी को ठीक करना पड़ता है और ड्राइवर को भी उस बारे में जानकारी देनी होती है।

यूं करते हैं ड्राइवर को अलर्टः ये कर्मचारी संचार के अत्याधुनिक तरीकों का इस्तेमाल नहीं करते। वे सालों से चले आ रहे खास तरीके का प्रयोग करते हैं। मसलन पटरी कहीं चटकी (क्रैक) मिलती है, तब एक गैंगमैन को करीब 600 मीटर उस ओर दौड़ा कर भेजा जाता है, जिस तरफ से ट्रेन आने वाली होती है। कई बार जरूरत पड़ने पर गैंगमैन को पटरी पर दो अलग-अलग जगहों पर पटाखे सेट करने पड़ते हैं। यानी तब उन्हें करीब 1200 मीटर (एक किमी से अधिक) तक की दौड़ लगानी पड़ती है। फिर वह वहां पटरी पर एक छोटा सा पटाखा सेट करता है। कारण- ड्राइवर ने ट्रेन अगर नहीं रोकी, तो वह पटाखे के धमाके से सतर्क हो जाएगा और आगे ट्रेन रोक देगा।

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