Indian Railways, IRCTC: ट्रेन में यात्रा के दौरान आपकी टिकट कौन-कौन चेक कर सकता है? यहां जानें

Indian Railways, IRCTC: टीटीई के टिकट चेक करने के अलावा और भी ड्यूटी होती है। मसलन यात्रियों को उनकी तय सीट पर बैठने के लिए कहना।

रेलवे स्टेशन पर खड़े यात्री। Express photo by Partha Paul

Indian Railways, IRCTC: भारतीय रेलवे ने दूसरी लहर के सुस्त पड़ जाने के बाद से ही कई ट्रेनों के चलाने का एलान किया है। रेलवे को भारतीय यातायात की लाइफलाइन भी कहा जाता है। रेलवे का नेटवर्क देश के कोने-कोने में है। ट्रेन में सफर के दौरान टिकट चेकिंग के भी नियम हैं। टीटीई (TTE) के अलावा कोई भी आपकी टिकट चेक नहीं कर सकता।

टिकट चेकिंग का अधिकार रेलवे द्वारा सिर्फ टीटीई (TTE) को ही दिया गया है। इसके अलावा टिकट न होने की स्थिति में जुर्माने का अधिकार भी सिर्फ टीटीई के पास ही है। आरपीएफ (Railway Police Force) यात्रियों की टिकट चेक करते हुए देखे जा सकते हैं। टीटीई के टिकट चेक करने के अलावा और भी ड्यूटी होती है। मसलन यात्रियों को उनकी तय सीट पर बैठने के लिए कहना।

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कोच में तय क्षमता के आधार पर पैसेंजर्स की एंट्री और कोच में पैसेंजर तय सीमा से ज्यादा सामान न ले जाएं। टीटीई को विशेष रूप से रात के समय सतर्क रहना होता है ताकि कोच में अनधिकृत व्यक्ति/भिखारी/घुसपैठिए ने घुस सकें।

कन्फर्म टिकट ट्रांसफर की भी है सुविधा

रेलवे के नियमों के मुताबिक ट्रेन में सफर करने के 24 घंटे पहले कोई भी यात्री अपने परिवार के सदस्य जिसमें माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, भाई बहन के नाम अपने टिकट को ट्रांसफर करवा सकते हैं। रेल यात्री अपने नाम की कन्फर्म टिकट को अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम पर ट्रांसफर कर सकते हैं। रेल मंत्रालय के 1990 नियम के आधार पर 3 जून 2006 को जारी सर्कुलर में यह स्पष्ट किया गया है।

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