Indian Railways IRCTC: ट्रेन रुकवाने को चेन के अलावा होता है ऐसा अलार्म, बेवजह खींचने पर हो सकती है जेल! जानें- डिटेल

Indian Railways IRCTC: वैसे, अलार्म हैंडल/चेन खींचने पर ट्रेन धीमे होकर कुछ ही क्षणों में रुक जाती है। पर अधिकतर मामलों में देखा गया है कि यात्री बगैर इमरजेंसी या वाजिब कारण के इसका इस्तेमाल कर देते हैं।

indian railways, irctc, train alarm
Indian Railways IRCTC: बोगी के भीतर लगा ट्रेन रुकवाने से जुड़ा अलार्म। (फोटोः अभिषेक गुप्ता/जनसत्ता ऑनलाइन)

Indian Railways IRCTC: सफर के बीच में अचानक ट्रेनें रुकवाने के लिए रेलगाड़ियों में चेन के अलावा अलार्म भी होता है। भारतीय रेल की विभिन्न नई बोगियों में इन्हें देखा जा सकता है। यह दिखने में हैंडल बार जैसे होते हैं, जबकि इन्हें नीचे खींचा जाता है। हालांकि, इन्हें बेवजह इस्तेमाल करने पर आप यात्रा के दौरान मुसीबत में फंस सकते हैं। ट्रेन अलार्म दबाने या खींचने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को जेल तक जाना पड़ सकता है।

लाल रंग के ये अलार्म बोगी में अपर बर्थ (ऊपर वाली सीट) के पास में लगे रहते हैं। ऊपर अलार्म होते हैं, जबकि नीचे इससे जुड़े एक संदेश वाली पट्टी होती है। गाड़ी रोकने/खड़ी करने के लिए इस अलार्म के हैंडल को खींचना पड़ता है। रेलवे के मुताबिक, “उचित और पर्याप्त कारण के बिना हैंडल खींचने की सजा होती है। फिजूल में यह अर्लाम हैंडल खींचने वाले व्यक्ति पर 1000 रुपए तक जुर्माना और एक साल तक की जेल या फिर साल भर की कैद की सजा हो सकती है।”

वैसे, भारतीय रेल की ढेर सारी बोगियां ऐसी भी हैं, जिनमें ट्रेन रुकवाने के लिए पारपंरिक चेन भी मिलेगी। रेलवे इस तरह का अलार्म सिस्टम की सुविधा संकटकालीन स्थिति के मद्देनजर मुहैया कराता है। ट्रेन का अलार्म हैंडल/चेन गाड़ी के मेन ब्रेक पाइप से जुड़ा होता है। इन पाइप्स के बीच में हवा का प्रेशर होता है। जानकारी के मुताबिक, जॉर्ज वेस्टिंगहाउस ने इस सिस्टम को बनाया था और ट्रेन का ब्रेक सिस्टम उसी मॉडल पर आज भी काम करता है।

चेन पुलिंग/अलार्म हैंडल खींचना कब होता है मान्य?:

  • यात्रा के दौरान जब आपका साथी या फिर कोई बच्चा खो जाए।
  • अगर गाड़ी में आग लग जाए।
  • जब किसी बुजुर्ग या दिव्यांग (पहले विकलांग) व्यक्ति को ट्रेन में चढ़ने में समय लग रहा हो, जबकि उस दौरान ट्रेन चलने लगती है
  • बोगी में अगर किसी की सेहत अचानक बिगड़ जाए। मसलन दिल का दौरा पड़ जाए या कुछ और गंभीर बात हो जाए।
  • छिनैती, चोरी या डकैती की वारदात होने पर।

वैसे, अलार्म हैंडल/चेन खींचने पर ट्रेन धीमे होकर कुछ ही क्षणों में रुक जाती है। पर अधिकतर मामलों में देखा गया है कि यात्री बगैर इमरजेंसी या वाजिब कारण के इसका इस्तेमाल कर देते हैं। ज्यादातर मौकों पर पाया गया है कि लोग ट्रेन में चढ़ने या उतरने के लिए इसे खींचते हैं, ताकि किसी रिश्तेदार या दोस्त की मदद की जा सके। वह ऐसा तब करते हैं, जब उन्हें स्टेशन पर पहुंचने में देरी होती है या फिर जहां ट्रेन नहीं रुकती है।

पढें यूटिलिटी न्यूज समाचार (Utility News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X