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Indian Railways: शताब्‍दी समेत 50 से अधिक ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 110-130kmph की रफ्तार से चलेंगी गाड़ियां

इन ट्रेनों के बारे में दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 110 से 130 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी। इससे यह ट्रेनें 3 से लेकर 35 मिनट तक पहले पहुंचेंगी। वहीं खराब खाना देने पर वेंडर्स पर जुर्माना लगेगा।

Indian Railways Trains | IRCTC | 50 Trains Schedule
3 से 35 मिनट तक पहले पहुंचेगी ये 50 ट्रेनें (फोटो- Freepik)

भारतीय रेलवे के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। 1 जुलाई से शताब्‍दी व संपर्क क्रांति समेत 50 से अधिक ट्रेनों के शेड्यूल और टाइम में बदलाव होने वाला है। साथ ही इन ट्रनों की स्‍पीड भी बढ़ जाएगी। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह सभी ट्रेनें आगरा रेल मंडल से होकर गुजरती हैं।

इन ट्रेनों की रफ्तार 110 से 130 किमी प्रति घंटे तक बढ़ेगी। इस बदलाव से ट्रेनें पूर्व निर्धारित समय से पहले ही गंतव्य स्टेशनों तक पहुंच जाएगी। इन ट्रेनों के बारे में दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 110 से 130 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी। इससे यह ट्रेनें 3 से लेकर 35 मिनट तक पहले पहुंचेंगी।

कौन-कौन सी प्रमुख ट्रेनें
इन ट्रेनों में शताब्दी, कामायनी, संपर्क क्रांति, गोवा एक्सप्रेस, तमिलनाडु समेत 11 जोड़ी मुख्य ट्रेनें शामिल हैं, जिनके टाइमिंग में परिर्वतन होने वाला है। वहीं इसे लेकर रेलवे की ओर से कहा गया है कि इससे सीधे तौर पर फायदा यात्रियों को होगा, जो अपने टाइम से पहले ही पहुंच जाएंगे।

ट्रेनों के टाइम पर कितना होगा असर?
इस बदलाव के साथ शताब्दी 18 से 25 मिनट, कर्नाटक 15 से 20 मिनट, तमिलनाडु 12 से 18 मिनट, केरल 11 से 15 मिनट, जीटी 9 से 14 मिनट, गोवा 12 से 18 मिनट, यशवंतपुर संपर्क क्रांति 10 से 12 मिनट, जल्‍दी पहुंचेगी। इसी तरह अन्‍य ट्रेनों के टाइम में भी इसी तरह से परिर्वतन आएगा। यह सभी ट्रेनें वक्‍त से पहले स्‍टेशनों पर पहुंचेगी।

खराब भोजन पर लगेगा फाइन
इसके साथ ही रेलवे यात्रियों के लिए एक और सुविधा देने जा रहा है। इसके तहत लंबी दूरी की गाड़ियों में यात्रियों को खराब भोजन न मिले, इसके लिए अभियान चलाएगा। 1 जुलाई से शुरू हो रहे इस अभियान के तहत रेल अफसर ट्रेनों के स्लीपर कोच में सफर करेंगे और खाने की गुणवत्ता को परखेंगे। अगर खाने की गुणवत्ता खराब निकली तो तुरंत फाइन वसूला जाएगा। यह जुर्माना 1000 से 20 हजार तक का वेंडर और कांट्रैक्टर पर लगेगा।

अधिकारियों की होगी जवाबदेही
भारतीय रेल यात्रियों को लगातार बेहतर सुविधा देने के प्रयास में है। इसी क्रम में रेलवे 1 जुलाई से अपनी कई व्यवस्थाओं में परिवर्तन कर रहा है। अगर इस व्‍यवस्‍था में किसी तरह की गड़बड़ी आती है तो रेलवे सीधे तौर पर अधिकारियों से जवाब मांगेगा। इसके साथ ही यात्रियों को किसी तरह की असुविधा पर अब रेल अधिकारी सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।

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