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Indian Railways: ट्रेन में सफर के दौरान टीटीई यात्रियों की इन-इन सुविधाओं का रखता है ध्‍यान, जानिए डिटेल

Indian Railway TTE: भारतीय रेलवे की ओर से टीटीई की तैनाती प्रत्‍येक ट्रेनों में की जाती है। इस दौरान टीटीई का काम यात्रियों की कई सुविधाओं का ख्‍याल रखना, बिना टिकट के सफर करने वालो को रोकना और अन्‍य कार्य शामिल है।

Indian Railways: ट्रेन में सफर के दौरान टीटीई यात्रियों की इन-इन सुविधाओं का रखता है ध्‍यान, जानिए डिटेल
Indian Railway के तहत टीटीई को है इन कार्यों का अधिकार (फोटो-Freepik)

ट्रेन का सफर लंबी दूरी के लिए आरामदायक माना जाता है। साथ ही रेलवे की ओर से यात्रियों को कई तरह की सुव‍िधा भी प्रोवाइड कराई जाती है, जिसमें टिकट बुकिंग से लेकर भोजन आदि की फैसिलिटी शामिल है। इसके अलावा बिना टिकट के सफर कर रहे लोगों को रोकने के लिए टीटीई की भी तैनाती की जाती है। वहीं बहुत कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि टीटीई की तैनाती केवल टिकट के जांच के लिए ही नहीं बल्कि यात्रियों की सुविधाओं का ध्‍यान रखने के लिए भी किया जाता है।

अगर आप भी इन बातों से अनजान हैं तो आइए जानते हैं टीटीई आपके कौन-कौन सी सुविधाओं का ध्‍यान रखता है। भारतीय रेलवे की ओर से टीटीई की तैनाती प्रत्‍येक ट्रेनों में की जाती है। इस दौरान टीटीई का काम यात्रियों की कई सुविधाओं का ख्‍याल रखना, बिना टिकट के सफर करने वालो को रोकना और अन्‍य कार्य शामिल है।

क्‍या है टीटीई का काम

  • ट्रेन के प्रस्‍थान स्‍टेशन पर ट्रेन के निर्धारित समय से कम से कम एक घंटे पहले और आगमन पर कम से कम आधे घंटे पहले रिपोर्ट करता है।
  • उसे नंबर, बैज, नेम प्लेट आदि के साथ साफ-सुथरी वर्दी में देखा जा सकता है।
  • टीटीई आरक्षण की पूरी स्थिति देखेगा, ट्रेन में उसकी जांच करेगा, रिकॉर्ड (चार्ट, आदि) बनाए रखेगा और रिलीवर को खाली बर्थ/सीट दिखाते हुए पूर्ण और सही डिटेल की जानकारी देगा।
  • कोच में यात्रियों के टिकटों की जांच करेगा और यात्रियों को उनके आवास में रहने में मार्गदर्शन करेगा।
  • इसके साथ ही यह भी जांच करता है कि यात्रियों की संख्‍या कोच की वहन क्षमता से अधिक नहीं है।
  • आरक्षण किराया/पूरक शुल्क जैसे बकाया वसूल करेगा और ईएफ़टी जारी करेगा।
  • भारी सामान ले जाने पर भी रोकता है, असुविधा होने पर यात्रियों के लगेज को अलग वैन या केबिन में रखवाने में मदद करता है।
  • भोजन, जलपान आदि उपलब्‍ध कराने में मदद करता है, साथ ही उचित स्‍टेशन पर इसकी सूचना भी देता है।
  • टीटीई का काम कोच की साफ-सफाई का भी ध्‍यान रखना होता है।
  • ट्रेन चलने के दौरान दरवाजे को बंद रखने और आवश्‍यकता अनुसार खोले जाने को भी सुनिश्चित करता है।
  • अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए 22.00 बजे से 06.00 बजे तक वेस्टिब्यूलड कोच के अंतिम दरवाजों को बंद रखेंगे।
  • रात के समय भिखारियों, अनधिकृत व्‍यक्ति और घुसपैठियों के प्रवेश को रोकता है।
  • यात्रियों की शिकायत का भी समाधान करेंगे।

खाली सीटों का भी करता है आवंटन

इन कार्यों के अलावा टीटीई ट्रेन में सीट खाली रहने पर सीटों का आवंटन भी करता है। इसके साथ ही अगर कोई सीट पर कब्‍जा करके बैठा हुआ है तो वह रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 155(आई) के प्रावधानों के तहत आरपीएफ व जीआरपी की मदद से मामले का भी निपटान करता है। वहीं एक से अधिक कोच में ड्युटी के दौरान बार-बार इन कोचों का दौरा भी करेगा। इसके अलावा एसी खराब होने की स्थिति में निचली श्रेणी में सफर करने पर रसीद भी जारी करता है।

सामानों की चोरी होने पर क्‍या होता है टीटीई का काम

अगर किसी यात्री का सामान चोरी हो गया है या नुकसान हो गया है तो वह टीटीई से संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। टीटीई यात्री की शिकायत जीआरपी तक पहुंचाता है। सामान की चोरी आदि की किसी भी घटना के मामले में यात्रियों को उपलब्ध कराने के लिए उन्हें खाली प्राथमिकी प्रपत्रों को साथ रखना होगा। ऐसे प्रपत्रों को विधिवत भरकर मामले में आगे की कार्रवाई के लिए निर्धारित स्टॉपेज पर अगले जीआरपी पोस्ट को सौंप दिया जाएगा।

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