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इनकम टैक्‍स रिटर्न में नहीं सौंपे ये दस्‍तावेज तो सावधान! करना पड़ेगा यह काम

उचित टैक्स जमा नहीं करने वालों की पहचान करने और उनकी निगरानी करने के लिए नॉन-फाइलर्स मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएस) के माध्यम से एक विश्लेषण किया गया था। इसके बारे में डेटाबेस में विशिष्ट जानकारी उपलबध थी।

Author January 27, 2019 3:39 PM
इनकम टैक्स रिटर्न के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

यदि अपने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान उच्च मूल्य का लेन-देन किया है और असेसमेंट ईयर 2018-19 के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में इसका जिक्र नहीं किया है तो अब आपको इससे संबंधित काम करना पड़ सकता है। ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने उच्च कीमत का लेन-देन किया और उन्हें टैक्स देना चाहिए, लेकिन अभी तक टैक्स रिटर्न जमा नहीं किया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डॉयरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने उन टैक्सपेयर्स को टैक्स जमा करने या उस लेनदेन पर स्पष्टीकरण देने का मौका दिया है।

उचित टैक्स जमा नहीं करने वालों की पहचान करने और उनकी निगरानी करने के लिए नॉन-फाइलर्स मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएस) के माध्यम से एक विश्लेषण किया गया था। इसके बारे में डेटाबेस में विशिष्ट जानकारी उपलबध थी। ऐसे कई सारे लोगों की पहचान की ली गई है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान उच्च मूल्य का लेनदेन किया लेकिन अभी तक 2018-19 असेसमेंट ईयर के लिए आईटीआर फाइल नहीं किया है। यह स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस (SFT), टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS), टैक्स कलेक्शन ऑन सोर्स (TCS), फॉरेन रेमिटेंस, एक्सपोर्ट्स और इंपोर्ट आदि की जानकारी के आधार पर डेटा के विश्लेषण के बाद किया गया।

हालांकि, टैक्सपेयर्स को राहत देने और ऑफिस के चक्कर से छुटकारा दिलाने के लिए एनएमएस मामलों के विभाग ने ऑनलाइन व्यवस्था भी शुरू की है। टैक्सपेयर्स incometaxindiaefiling.gov.in वेबसाइट पर जाकर विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पैन धारक को इस पोर्टल पर अपनी प्रतिक्रिया देकर उसके रिकॉर्ड का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लेना चाहिए ताकि यदि भविष्य में कभी इसकी मांग की जाए तो वे इसे दे सकें।

उचित टैक्स जमा नहीं करने वालों को असेसमेंट ईयर 2018-19 अपने टैक्स का आकलन करना होगा और आईटीआर फाइल करना होगा या फिर 21 दिनों के भीतर उन्हें अपना स्पष्टीकरण देना होगा। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक पाया जाता है तो उनके मामलों को ऑनलाइन बंद कर दिया जाएगा। लेकिन उन मामलों में जहां कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है या कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कार्यवाही शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

कंप्लायंस फार्म जमा करने के लिए ये स्टेप फॉलो करें।
1- यूजर नेम, पासवर्ड और कैप्चा की सहायता से ई-फाईलिंग वेबसाइट लॉग इन करें।
2- Compliance पर जाएं और “Submit Compliance Form” पर क्लिक करें।
3- यहां जरूरी डिटेल भरें।
4- यदि आईटीआर फाइल नहीं किया गया है तो उसका कारण बताएं।
5- “Related Information Summary” टैब के तहत जरूरी डिटेल भरें।
6- अब सम्मिट बटन पर क्लिक करें। यदि सभी प्रक्रिया सही से पूरी हो जाती है तो स्क्रीन पर Compliance form is submitted लिखा दिखेगा।
अब आयकर विभाग के द्वारा इस प्रतिक्रिया की जांच की जाएगी। यदि विभाग इससे संतुष्ट हो जाता है तो इसे बंद कर दिया जाएगा अन्यथा विभाग द्वारा विशेष जानकारी मांगी जा सकती है।

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