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Voter ID को आधार से लिंक करना कितना है जरूरी, जानिए इसके फायदे

Voter ID Aadhaar Link Latest Update: चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आधार को वोटर आईडी से लिंक करने के कई फायदे हैं। खासकर फर्जी वोटिंग को रोका जा सकेगा।

Voter ID को आधार से लिंक करना कितना है जरूरी, जानिए इसके फायदे
जानिए वोटर आईडी को आधार से लिंक करने के क्‍या हैं फायदे (फोटो- eci.gov.in/Screenshot)

आधार कार्ड से वोटर आईडी को लिंक करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। देश के कई राज्‍यों में यह प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है तो वहीं कई राज्‍यों में यह प्रॉसेस शुरू किया जाना है। आधार कार्ड की तरह ही वोटर आईडी भी एक महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज है, जो पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ और अन्‍य जरूरी कामों में यूज किया जाता है। हालाकि आधार के आने के बाद से वोटर आईडी का यूज इन कामों के लिए बहुत ही कम किया जाने लगा है, लेकिन वोटिंग के समय इस दस्‍तावेज का इस्‍तेमाल सबसे ज्‍यादा किया जा रहा है।

चुनाव आयोग ने वोटिंग कार्ड को आधार से लिंक करने की अधिसूचना जारी की है। सरकार ने आधार से वोटर आईडी को लिंक करने के लिए ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ और ‘कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961’ में संशोधन किया है। वहीं अधिसूचना के तहत आधार को वोटर आईडी से लिंक करने के फायदे के बारे में भी जानकारी दी गई है।

वोटर आईडी से आधार कार्ड को लिंक करने के फायदे

बहुत से लोगों के पास एक की जगह कई वोटर आईडी कार्ड है, जिसका इस्‍तेमाल भी किया जा रहा है। ऐसे में आधार से वोटर आईडी को लिंक होने पर केवल एक ही वोटर आईडी कार्ड होगा और इसका मिसयूज भी कम होगा। साथ ही आधार को वोटर आईडी से लिंक करने पर डुप्‍लीकेसी रुकेगी।

चुनाव में धांधली रुकेगी

चुनाव आयोग का कहना है कि इससे सबसे बड़ा फायदा होगा कि फर्जी वोट डालने वालों की संख्‍या खत्‍म हो जाएगी। पहले एक ही नाम का व्‍यक्ति कई वोटर आईडी से अपना वोटिंग लिस्‍ट में दो या तीन बार नाम दर्ज करवा लेता था और एक नाम पर कई बार वोट डालता था। लेकिन अब इस वोटिंग से धांधली रुकेगी। एक वोटर आईडी होने से सिर्फ एक बार ही वोट डाला जा सकेगा, इससे डुप्‍लीकेसी रुकेगी। साथ ही फर्जी वोटिंग पर लगाम लगेगा।

क्‍या हुआ है बड़ा बदलाव

पहला बड़ा बदलाव वोटर आईडी को आधार से लिंक करने का ही किया गया है। वहीं दूसरा बदलाव साल में चार कटऑफ डेट- 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्‍टूबर दिया गया है। यानी कि इस दौरान आप अपना नाम वोटर लिस्‍ट में जोड़ सकेंगे। वहीं पहले 1 जनवरी को ही वोटिंग लिस्‍ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया थी। वहीं महिला कर्मचारियों के पति को भी सर्विस वोटर आईडी में शामिल किया गया है, यानी पति पत्‍नी के नाम पर वोटिंग कर सकते हैं जबकि पहले ऐसा नहीं था।

कैसे होगा लिंक

आप अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं, वो आपका आधार कार्ड नंबर और वोटर आईडी कार्ड नंबर की जानकारी मांगेगा। इसके बाद वह वेरिफाई करके आपके आधार कार्ड को वोटर आईडी से लिंक कर देगा।

आधार नहीं होने पर कैसे होगा लिंक

अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है या फिर आपने अभी तक आधार कार्ड नहीं बनवाया है तो कैसे आप लिंक कर सकते हैं, इसके बारे में भी जानकारी दी गई है। आधार के न होने पर आप किसी अन्‍य दस्‍तावेज से वोटर आईडी को लिंक करा सकते हैं।

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