ताज़ा खबर
 

चिंगम चबाने से मजबूत होती है याददाश्त? जानें क्या है सच्चाई

चिंगम के अनेक फायदे हैं, जो बहुत कम ही लोगों को पता होते हैं। वहीं, हद से अधिक चिंगम चबाना भी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। माइग्रेन तक की समस्या इस कारण किसी को भी हो सकती है।

अधिक चिंगम चबाना भी नुकसान करता है, जानें इसके साइड इफेक्ट्स।

मुंह से दुर्गंध न आए, इसलिए कई लोग चिंगम चबाते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं, जो स्वाद बदलने के लिए इसका सेवन करते हैं। मगर चिंगम के अनेक फायदे हैं, जो बहुत कम ही लोगों को पता होते हैं। वहीं, हद से अधिक चिंगम चबाना भी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। माइग्रेन तक की समस्या इस कारण किसी को भी हो सकती है।

लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में हुआ शोध बताता है कि दोपहर का खाना खाने के बाद जो लोग चिंगम चबाते हैं, उन्हें दिन के बाकी हिस्से में भूख कम लगती है। वे इसके अलावा अधिक कैलोरी वाले खाने-पीने के सामान खाने से बचते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश साइंसेज इंस्टिट्यूट के प्रोफेसर एंड्र्यू शोले का कहना है कि चिंगम चबाने से शॉर्ट टर्म मेमोरी की समस्या में 35 फीसदी सुधार होता है। चूंकि चिंगम चबाने के दौरान दिमाग तक खून का प्रवाह अच्छे से होता है।

मनोवैज्ञानिकों मानते हैं कि चिंगम चबाने से तनाव कम हो जाता है। लोग अच्छा महसूस करते हैं। खासकर वे इसे चबाने के समय घबराहट महसूस नहीं करते।

चिंगम चबाने के दौरान मुंह में थूक अधिक आता है। यह डायजेस्टिव एसिड को पेट से मुंह में आने से रोकता है। यही कारण है कि खाना आसानी से पच जाता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है।

शुगर फ्री चिंगम दांतों को कैविटी से बचाता है। चूंकि शक्कर के कारण ही मुंह में बैक्टीरिया पनपती है और वही दांतों को नुकसान पहुंचाती है। शोध बताते हैं कि जायलीटॉल वाले गम चबाने से 75 फीसदी मुंह की बैक्टीरिया खत्म हो जाती है।

अक्सर कई लोग ओरल हेल्थ को लेकर परेशान रहते हैं। चिंगम चबाने से दांतों की सड़न व मुंह से बुरी दुर्गंध नहीं आती है। ऊपर से दांत भी चकाचक रहते हैं। जिन लोगों को डबल चिन होती है। यानी गले के पास मोटापा दिखने लगता है, उनके लिए चिंगम चबाना कसरत जैसा होता है।

चिंगम इसके अलावा बच्चों में कान के इन्फेक्शन को रोकने, सिगरेट छुड़वाने और सर्जरी के बाद जल्दी ठीक होने में मदद करता है।

ये हैं साइड इफेक्ट्स-
– अधिक मीठे चिंगम आपके दांतों-मुंह में बैक्टीरिया को जन्म देते हैं।
– मसूड़ों में भी दिक्कत आती है, जिसे टेंपोरोमैंडीबुलर डिसऑर्डर (टीएमडी) कहते हैं। इसमें चिंगम चबाने के दौरान दर्द होता है।
– लगातार चिंगम चबाना सिरदर्द को न्योता देता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App