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सोशल मीडिया भी कर सकता है आपके दिमागी सेहत का कबाड़ा, यूजर्स अपनाएं ये 5 स्मार्ट टिप्स

आधुनिक दौर की सबसे लोकप्रिय खोज सोशल मीडिया के फायदे इसके नाम से समझे जा सकते हैं लेकिन अब ऐसे मामले भी सामने आते हैं जिनमें इसके कारण लोगों की दिमागी सेहत बिगड़ने की बातें हो रही हैं। कारण कुछ और नहीं, तनाव, थकान, निराशा और अनचाही ईर्ष्या है।

प्रतीकात्मक चित्र

आधुनिक दौर की सबसे लोकप्रिय खोज सोशल मीडिया के फायदे इसके नाम से समझे जा सकते हैं लेकिन अब ऐसे मामले भी सामने आते हैं जिनमें इसके कारण लोगों की दिमागी सेहत बिगड़ने की बातें हो रही हैं। कारण कुछ और नहीं, तनाव, थकान, निराशा और अनचाही ईर्ष्या है।  आपको पता भी नहीं चलता और ये बीमारियां आपके दिमाग में घर कर लेती हैं, जिनसे आखिर में दिमाग का कबाड़ा ही होता है। फोर्ब्स मैगजीन की वेबसाइट पर रचनात्मक और सामाजिक उद्यमी, डिजाइनर, लेखक और वक्ता डॉक्टर प्रज्ञा अग्रवाल ने सोशल मीडिया से दिमागी सेहत को होने वाले नुकसान के प्रति चेताया है और कुछ उपाय बताए हैं। 1. ब्रेक लें: सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा सक्रियता और संतुलन बैठाने के कारण मानसिक तनाव अपने आप  हावी होने लगता है, इसलिए जब ऐसा लगे तो तुरंत ब्रेक लें। कुछ दिनों के लिए इसका इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें। याद रखिए जो लोग आपके साथ कनेक्ट रहना चाहते हैं वे आपका इंतजार करेंगे। 2. सेलेक्टिव बनें: सोशल मीडिया पर हजारों लाखों ऐसी चीजें हैं जिनका चुनाव आपकी बस एक फिंगर टिप पर हैं, इसलिए यह ध्यान देना जरूरी हो जाता है कि नेटवर्क बनाते वक्त आप सेलेक्टिव रहें। अपनी जरूरत के हिसाब से ही मीनिंगफुल कनेक्शंस बनाएं।

3. कम में संतोष करें: जरूरी नहीं है कि धड़ाधड़ पोस्ट पर पोस्ट करने से ज्यादा अटेंशन मिले, इसलिए कम पोस्ट डालें, जितनी भी डालें अच्छी डालें। फालतू के लोगों को न जोड़े, उतने ही लोगों को जोड़कर अच्छा और सॉलिड नेटवर्क बनाएं जिनके साथ आपकी विचारधारा मेल खाती हो। 4. क्रिएटिव बनें: यह भी कोशिश करें के आप मोबाइल और लैपटॉप पर ही निर्भर न रह जाएं। कभी कभार इन सभी डिवाइसेज को किनारे करके कुछ ऐसा करें जो आपको सुकून पहुंचाती हो। उदाहरण के तौर पर स्केचबुक या डायरी ले लें या कोई पोएट्री क्लास ज्वाइन कर लें।

ध्यान रहे कि अगर आप सोशल मीडिया पर ज्यादा निर्भर होने लगते हैं दूसरों के साथ खुद की तुलना करने की आदी बन जाते हैं और इससे तनाव ही बढ़ता है। इसलिए अंतर्मन की आवाज को सुन  कुछ क्रिएटिव करने की कोशिश करें। 5. प्रामाणिक बनें: खुद पर भरोसा करें कि आपका ब्रांड आप ही हैं। जब भी आप सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट, इंटरेक्ट या इंगेज करें तो वही चीज सामने रखें जो सच हो। इस तरह भी आप मानसिक तनाव से दूर रहेंगे।

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