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PPF से जुड़े नियमों में सरकार ने किया है फेरबदल, जान लें ये पांच बड़े बदलाव

अगर आपका भी पीपीएफ अकाउंट है तो नियमों में बदलाव के बारे में जानना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

सरकार ने बीते साल पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के कुछ नियमों में बदलाव किया था। अब प्रक्रिया संबंधी नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार की स्मॉल सेविंग्स स्कीम के तहत पीपीएफ निवेश का एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इन नए नियमों के जरिए पीपीएफ खाताधारकों को कई सहुलियतें देने की कोशिश की गई है। अगर आपका भी पीपीएफ अकाउंट है तो नियमों में बदलाव के बारे में जानना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। आइए जानते हैं क्या-क्या बदलाव हुए हैं:-

1.नए नियमों के मुताबिक अब ऑरिजनल पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाते की मैच्योरिटी की तारीख से एक वर्ष के भीतर PPF खाते का विस्तार किया जा सकेगा और इसके लिए अब फॉर्म एच की जगह फॉर्म 4 भरना होगा।

2. अब पीपीएफ खाते में साल में कई बार डिपॉजिट करवाया जा सकता है। सरकार ने 12 बार डिपॉजिट की सीमा को खत्म करते हुए एक फाइनेंशिय ईयर में 50 रुपये के मल्टीपल में कई डिपॉजिट को मंजूरी दी है। यह रकम 1.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगा।

3. खाता बंद करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अगर किसी खाताधारक का एड्रेस बदलता है तो वह मैच्योर होने से पहले पीपीएफ खाता बंद करवा सकेगा। पहले सिर्फ कुछ ही शर्तों पर खाता बंद करवाने का प्रावधान था।

4. लोन से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। अब पीपीएफ खाताधारक तीसरे और छठे फाइनेंशियल ईयर के बीच लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि इसपर ब्याज दर कम कर दी गई है। आप पिछले लगातार दो साल तक के बैलेंस के अधिकतम 25 फीसदी तक लोन ले सकते हैं। पर इसपर ब्याज दर 2 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी कर दी गई है।

5. लोन वापसी पर भी कस्टमर्स को राहत दी गई है। अगर कोई 36 किस्तों में लोन अमाउंट लौटाने के प्रावधान के तहत भी पूरा लोन नहीं लौटा पाता है तो फिर बचे हुए लोन के हिस्से पर 6 फीसदी की दर से ब्जाय वसुला जाएगा।

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