ताज़ा खबर
 

EPF, EPS, EDLI: बचत के साथ टैक्स में छूट सब पर, लेकिन, जानिए इन खातों में क्या है फर्क

भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को बिना जोखिम और अच्छे रिटर्न वाली तीन लंबी बचत योजनाओं का लाभ देता है। इन योजनाओं में ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई योजनाएं शामिल हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को बिना जोखिम और अच्छे रिटर्न वाली तीन लंबी बचत योजनाओं का लाभ देता है। इन योजनाओं में ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई योजनाएं शामिल हैं। इन तीनों में क्या फर्क है, यह यहां बताया जा रहा है। 1. EPF: ईपीएफ यानी एंप्लॉईज प्रोविडेंट फंड जिसे हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि कहते हैं, एक ऐसी योजना है जो प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले लोगों को रिटायमेंट के फायदे दिलाती है। कंपनी से रिटायर होने पर व्यक्ति को एक अच्छी-खासी धनराशि मुहैया कराई जाती है। ईपीएफ के लिए कंपनी और कर्मचारी दोनों की तरफ से कुछ राशि का योगदान किया जाता है। दोनों तरफ से कर्मचारी की बेसिक सैलरी की 12 फीसदी राशि ईपीएफ खाते में जमा होती है। इस प्रकार व्यक्ति के ईपीएफ खाते में हर महीने बेसिक सैलरी का 24 फीसदी जमा किया जाता है। ईपीएफ में वर्तमान में 8.55 फीसद ब्याज मिलता है। कंपनी की तरफ से व्यक्ति के खाते में जमा की जाने वाली राशि पर टैक्स नहीं लगता है और कर्मचारी के हिस्से पर आयकर अधिनियम के सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स लगता है।

2. EPS: एंप्लॉईज पेंशन स्कीम यानी कर्मचारी पेंशन योजना विधवा पेंशन और वृद्धा पेंशन मुहैया कराती है। इस स्कीम के तहत नॉमिनी भी पेंशन उठा सकता है। कंपनी की तरफ से किए जाने वाली कुल योगदान राशि में से 8.335 फीसदी ईपीएस खाते में जमा होती है, यह देखा जाता है कि राशि 1250 रुपये से ज्यादा न हो। इस योजना का लाभ लेने के लिए एक कर्मचारी की बेसिक सैलरी 6500 रुपये प्रति माह होना जरूरी है। 50 वर्ष की आयु होने और कंपनी में कम से कम 10 वर्षों तक काम करने पर कर्मचारी इस योजना का लाभ उठा सकता है। चूंकि यह एक पेंशन स्कीम है इसलिए इसमें कोई ब्याज नहीं मिलता है। इसमें जमा की जाने वाली राशि में से आयकर के सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स लगता है।

3. EDLI: एंप्लॉईज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम 1976 में शुरू की गई थी। कर्मचारियों को ईपीएफ की सुविधा देने वाली सभी कंपनियों के पास यह योजना उपलब्ध है। स्कीम कर्मचारियों को लाइफ इंश्योंरेंस यानी जीवन बीमा की सुविधा उपलब्ध कराती है। यह स्कीन ईपीएफ स्कीम और ईपीएस सेविंग्स स्कीम से लिंक्ड होती है। ईपीएफ योजना की सदस्यता लेने वाले सभी कर्मचारी खुद ब खुद ईडीएलआई योजना में नामांकित हो जाते हैं। इसके लिए योगदान कर्मचारी की ओर से कंपनी करती है और यह 0.5 फीसदी का होता है। इस स्कीम में ब्याज दर लागू नहीं होती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App