ताज़ा खबर
 

इस सर्टिफिकेट के बिना नहीं होगा रिनुअल, कड़े हो गए हैं कार इंश्योरेंस से जुड़े कायदे, जानें

अगर आपने अपनी कार के लिए पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट नहीं लिया है तो भविष्य में कार का इंश्योरेंस रिन्यू कराना कठिन हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार इश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने कुछ समय पहले एक सर्कुलर जारी कर इंश्योरेंस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले वाहनों का रिनुअल न करें।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- pixabay)

अगर आपने अपनी कार के लिए पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट नहीं लिया है तो भविष्य में कार का इंश्योरेंस रिन्यू कराना कठिन हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार इश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने कुछ समय पहले एक सर्कुलर जारी कर इंश्योरेंस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे बिना पीयूसी सर्टिफिकेट वाले वाहनों का रिनुअल न करें। मोटर वाहन अधिनियम 1989 के मुताबिक वाहनों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट अनिवार्य है। नियमों के मुताबिक पहली बार वाहन रजिस्टर होने की तारीख से एक साल के खत्म होने के बाद संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी के द्वारा जारी किया गया पीयूसी सर्टिफिकेट साथ लेकर चलना अनिवार्य होता है। आमतौर पर इस सर्टिफिकेट की वैधता छह महीने की होती है। पिछले वर्ष अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने इश्योरेंस देने वाली कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे बिना पीयूसी देखे वाहनों का इश्योरेंस रिन्यू न करें।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए आईआरडीएआई ने एक बार फिर इंश्योरर्स पर कड़ाई बरती है। आईआरडीएआई ने सभी बीमा कंपनियां से कहा है कि वे एक सिस्टम बनाएं। इंश्योरेंस कंपनियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन सिस्टम तैयार करना होगा। कार का इंश्योरेंस रिन्यू कराते वक्त कार मालिक को पीयूसी सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जिसे संबंधित इंश्योरेंस कंपनी ऑनलाइन अपलोड कर आईआरडीएआई को डिटेल मुहैया कराएगी।

क्या होता है पीयूसी सर्टिफिकेट? पॉल्यूशन यानी प्रदूषण को रोकने के लिए हर वाहन को इसके लिए तय किए गए मानकों पर परखा जाता है। इसके लिए प्रदूषण जांच केंद्र (पॉल्यूशन सेंटर) होते हैं। प्रदूषण जांच केंद्र आमतौर पर पेट्रोल पंपों पर मिल जाते हैं। इन केंद्रों पर वाहनों की जांच कर पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। अलग-अलग राज्यों में जारी किए जाने वाले पीयूसी की वैधता भी अलग-अलग हो सकती है, जैसे कि दिल्ली में पीयूसी की वैधता 3 महीने की है और उत्तर प्रदेश में इसकी वैधता 6 महीने की है। सर्टिफिकेट की निश्चित अवधि खत्म होने के बाद फिर से वाहन की जांच कराकर सर्टिफिकेट लेना होता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App