ताज़ा खबर
 

EPFO: अपने पीएफ और NPS खाते से जरूरत पर निकाल सकते हैं पैसा, जानें लें नियम और तरीका

ईपीएफ और एनपीएस के बीच कई अंतर हैं। इन दोनों योजनाओं के अपने लाभ और कमियां हैं। खासकर तब जब इन्हें निकालने की बात आती है।

PF withdrawal, EPF withdrawal, income tax on EPF withdrawal, Income tax on pf withdrawal, EPFO, E-nomination facility, EPFO E-nomination, Financial News,Personal finance news,investment,UAN,member sewa portal,Employees' Provident Fund Organisation,AADHAAR,epfoतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।फोटो: PTI

EPF pension withdrawal, NPS withdrawal: रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने और बचत करने के लिए लोग ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) में निवेश करते हैं। आम तौर पर अच्छा रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने और साथ-साथ उचित टैक्स बचत पाने के लिए इन उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है। निवेश योजनाओं के रूप में ईपीएफ और एनपीएस विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं। आपके वेतन का एक हिस्सा हर महीने ईपीएफ में जमा होता है। वहीं नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस एक सरकारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है।

ईपीएफ और एनपीएस के बीच कई अंतर हैं। इन दोनों योजनाओं के अपने लाभ और कमियां हैं। खासकर तब जब इन्हें निकालने की बात आती है। आइए जानते हैं इन निवेश विकल्पों के तहत आप किस तरह और किस परिस्थिति में निकासी कर सकते हैं-

नेशनल पेंशन सिस्टम –
बजट 2019 में, सरकार ने रिटायरमेंट या 60 वर्ष की आयु के बाद एनपीएस कॉर्पस से निकासी पर आयकर छूट की सीमा 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी थी। इसमें ग्राहकों के लिए दो प्रकार के खाते उपलब्ध हैं – टियर 1 (गैर-निकासी योग्य) और टियर 2 (निकासी योग्य)। टियर 2 खाता खोलने के लिए, टियर 1 खाता सक्रिय रहना जरूरी है। रिटायरमेंट पर एनपीएस ग्राहक एनपीएस कॉर्पस के एकमुश्त 60 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं। 40 प्रतिशत की शेष राशि को वार्षिकी योजना में निवेश करना होगा।

सब्सक्रिप्शन के 10 साल बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं। उस से पहले आंशिक निकासी की अनुमति नहीं मिलेगी। योगदानकर्ता अब अपनी बचत का 25 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। वैध सदस्यता की अवधि के दौरान अधिकतम 3 बार तक निकासी की जा सकती है, प्रत्येक आंशिक निकासी के बीच 5 साल के अंतर के साथ और केवल विशिष्ट कारणों के तहत अनुमति दी जाती है। एनपीएस से आंशिक निकासी बच्चे की उच्च शिक्षा, स्वयं, पति या पत्नी, बच्चों या आश्रित माता-पिता की गंभीर बीमारी का चिकित्सीय उपचार, पहले घर की खरीद या निर्माण के लिए की जा सकती है। अगर आप के पास पहले से घर या फ्लैट है। या आप किसी घर के जाइंट ओनर हैं तो ये लागू नहीं होगा। खाते में अर्जित ब्याज को निकाला नहीं जा सकता और आंशिक निकासी के लिए केवल मूल राशि निकली जा सकती है।

कर्मचारी भविष्य निधि –
ईपीएफ के तहत निकासी को कुछ परिस्थितियों में अनुमति दी जाती है। अपने शत-प्रतिशत को वापस लेने के लिए, आपकी आयु कम से कम 58 वर्ष होनी चाहिए। रिटायरमेंट से 1 साल पहले, 57 साल की उम्र में, आप अपने कॉर्पस का 90 फीसदी तक निकाल सकते हैं। शिक्षा, गृह निर्माण और शादी की योजना जैसे वित्तीय लक्ष्यों के लिए आंशिक निकासी की अनुमति है। या आप किसी भी तरह के मेडिकल मुद्दों के लिए आंशिक रूप से निकासी कर सकते हैं।

आप चिकित्सा उपचार के लिए अपने वेतन का 6 गुना तक निकाल सकते हैं। हाउस लोन के भुगतान के लिए आपके वेतन का 36 गुना तक पैसा निकाला जा सकता है। किसी प्लॉट की खरीद के लिए अपने वेतन का 24 गुना तक पैसा निकाला जा सकता है। अपने घर की मरम्मत और रीमॉडेलिंग के लिए आप अपने वेतन का 12 गुना तक निकाल सकते हैं। किए गए योगदान का 50 प्रतिशत शादी या शिक्षा के लिए 3 बार निकाला जा सकता है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 AADHAAR CARD पाने के लिए नहीं करना होगा महीनों इंतजार, इन नागरिकों को मिली बड़ी सहूलियत
2 5 साल की सर्विस से पहले ही Gratuity का भुगतान! प्राइवेट कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी
3 PPF में भी पैसा लगाकर बन सकते हैं करोड़पति, यह है तरीका
यह पढ़ा क्या?
X