इस सूबे में शिक्षकों की नौकरी हो सकती है स्थाई, अरविंद केजरीवाल की AAP ने किया बड़ा वादा

सीएम ने कहा कि दिल्ली में न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये प्रतिमाह है। उन्होंने कहा, “आप हमें एक मौका दीजिये। अगर हम नहीं कर पाए तो आप अगली बार हमें हटा दीजियेगा।”

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स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हुए शिक्षिका। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः निर्मल हरिंदरन)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को मोहाली में शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और कहा कि अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में अगर आम आदमी पार्टी की विजय होती है तो शिक्षकों की नौकरी स्थायी कर दी जाएगी।

चंडीगढ़ हवाई अड्डे से केजरीवाल सीधा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की इमारत के बाहर अस्थायी शिक्षक, नौकरी स्थायी करने की मांग को लेकर पिछले 165 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। केजरीवाल के साथ पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष भगवंत मान, पंजाब मामलों के प्रभारी जरनैल सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा मौजूद थे।

केजरीवाल ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों से कहा कि आम आदमी पार्टी को पंजाब में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में उनकी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया है और शिक्षकों के मुद्दों का समाधान किया है। केजरीवाल ने शिक्षकों की मांग नहीं मानने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस और अकाली सरकार की आलोचना की।

उन्होंने कहा, “मैं आज यहां आया हूं और आपसे वादा करता हूं हमारी सरकार आने पर मैं आप लोगों की नौकरी स्थायी कर दूंगा। मैंने दिल्ली में शिक्षकों के मुद्दों को सुलझाया है। इसलिए हम पंजाब में भी मुद्दों का समाधान निकालेंगे।”

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक ने कहा कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने उन्हें बताया कि उन्हें प्रतिमाह छह हजार रुपये मिलते हैं। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये प्रतिमाह है। उन्होंने कहा, “आप हमें एक मौका दीजिये। अगर हम नहीं कर पाए तो आप अगली बार हमें हटा दीजियेगा।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल दोनों ने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षकों की नौकरी स्थाई नहीं की। केजरीवाल ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी सरकार झूठ बोलती है कि उसने राज्य में 36,000 निविदा कर्मचारियों को स्थाई किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले पंजाब के सफाई कर्मचारी उनसे मिले जिन्होंने कहा कि उनकी नौकरी भी स्थाई नहीं की गई।

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