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कोरोना से बचाते हैं ये 6 सरकारी मोबाइल एप्लीकेशन, जानें कैसे

सरकार ने वायरस के खिलाफ 6 मोबाइल एप्लीकेशन को मददगार बताया है। सरकार का कहना है कि इन एप्स की मदद से कोरोना के खिलाफ लड़ा जा सकता है।

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कोरोना महामारी ने पूरी लगभग दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वे वायरस इतना खतरनाक है कि भारत में अबतक 1,73,763 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। इस वायरस से लड़ने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने वायरस के खिलाफ 6 मोबाइल एप्लीकेशन को मददगार बताया है। सरकार का कहना है कि इन एप्स की मदद से कोरोना के खिलाफ लड़ा जा सकता है।

उमंग एप: सरकार ने उमंग एप को महामारी के इस समय में सबसे ज्यादा कारगार बताया है। एक ही एप में अलग-अलग सरकारी विभागों की 100 से ज्यादा सर्विस मिलती हैं। यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों के लिए है। इस एप पर केंद्र, राज्य, स्थानीय निकाय और विभिन्न सरकारी एजेंसियों की सेवाएं मिलती हैं।

​आरोग्‍य सेतु: आरोग्य सेतू एप में यूजर्स को कोरोना संक्रमण के बारे में जानकारी, बचाव आदि के टिप्स दिए गए हैं। कोरोना के लक्षण मिलने पर एक व्यक्ति को क्या करना चाहिए इसके बारे में भी एप में विस्तार से बताया गया है। ब्लूटूथ और जीपीएस का इस्तेमाल कर ये एप यूजर्स को बताती है कि वह जोखिम में हैं या नहीं। जीपीएस रियल टाइम में व्यक्ति की लोकेशन को ट्रैक करता है, वहीं ब्लूटूथ व्यक्ति के नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के नजदीक आने पर ट्रैक करता है।

भीम यूपीआई: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस पर आधारित भीम यूपीआई पेमेंट एप है। इसके जरिए यूजर्स आसानी से अपने यूटिलिटी बिल का भुगतान कर सकते हैं इसके लिए अलावा किराना शॉप पर पेमेंट कर सकते हैं।

आयुष संजीवनी एप: आयुष मंत्रालय और एमईआईटीवाई मिलकर इस एप को तैयार किया है। इस एप की मदद से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल रही है। इसमें लोगों के सवाल-जवाब का प्रावधान है। साथ ही इसका मकसद आयुष मंत्रालय के कोरोना बीमारी के खिलाफ दी जा रही सलाह को लोगों तक पहुंचाना है।

ई-ग्राम स्वराज एप: इस एप के जरिए गांवों में चलने वाली परियोजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इससे पंचायत में होने वाले विकास कार्यों, खर्च होने वाले फंड और आने वाली योजनाओं की जानकारी मिलेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गांव के हर व्यक्ति को पता होगा कि क्या योजना चल रही है, कितना पैसा खर्च हो रहा है।

जन औषधि सुगम एप: इस मोबाइल ऐप के इस्तेमाल से यूजर्स सस्ती दवाएं कहां मिलेगी इसका आसानी से पता लगा सकते हैं। इसके जरिए यूजर्स अपने नजदीकी पीएम जनऔषधि केंद्र का आसानी से पता लगा सकते हैं और उचित मूल्य पर जेनेरिक दवा खरीद सकते हैं। इस एप में यूजर्स बाजार में कौन-कौन सी जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हैं इसकी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।

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