CoWIN App पर जन्मतिथि भी रहेगी, जानें- क्या है मकसद और cowin.gov.in से सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का तरीका

कोविन टीकाकरण प्रमाणपत्र में मौजूदा समय में लाभार्थी का नाम, जन्म के वर्ष के आधार पर आयु, लिंग, आईडी, यूनीक हेल्थ आईडी, वैक्सीन का नाम, पहली खुराक की तारीख, दूसरी खुराक की तारीख, वैक्सीनेटर, टीकाकरण केंद्र का नाम और शहर/राज्य की जानकारी होती है।

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कोरोना वायरस का टीका लगवाने के लिए CoWin App पर एक स्वास्थ्य केंद्र पर डेटा भरता हुआ लाभार्थी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः निर्मल हरिंदरन)

कोविन मोबाइल ऐप्लिकेशन (CoWIN App) पर जल्द ही लाभार्थियों की जन्मतिथि भी आया करेगी। कोरोना वायरसरोधी दोनों टीका लगवा चुके और विदेश यात्रा करने के इच्छुक लोगों के पास कोविन ऐप पर उनकी पूरी जन्मतिथि (Date of Birth) के साथ एक टीकाकरण प्रमाणपत्र भी होगा। फिलहाल प्रमाण पत्र केवल जन्म के वर्ष के आधार पर आयु को दिखाता है। कहा जा रहा है कि नया फीचर अगले हफ्ते तक लाइव हो सकता है।

कोविन प्रबंधन पोर्टल के साथ केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार दि टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) को बताया, “नई सुविधा का परिचय कोविन सर्टिफिकेशन पर भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच चल रही तकनीकी चर्चा से उपजा है।” वहीं, पोर्टल के एक सीनियर अफसर ने अखबार से कहा- हम मानते हैं कि यूके अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए डीडी-एमएम-वाई फॉर्मेट (Date-Month-Year) में – विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) मानकों के अनुसार कोविन सर्टिफिकेट में डेट ऑफ बर्थ फॉर्मेट चाहता है इसलिए विदेश जाने वालों के लिए कोविन प्रमाणपत्रों में भी यही सुविधा शुरू की जाएगी।”

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यूके सरकार के रियायती यात्रा नियम चार अक्टूबर से अमल में आएंगे। वेबसाइट के मुताबिक, “आपको यह साबित करने में सक्षम होना चाहिए कि आपका राष्ट्रीय या राज्य स्तर के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र/निकाय से एक दस्तावेज (डिजिटल या पेपर आधारित) के साथ पूरी तरह से टीकाकरण (प्लस 14 दिन) किया जा चुका है, जिसमें कम से कम पूर्वनाम और उपनाम, जन्म तिथि, वैक्सीन ब्रांड और निर्माता, प्रत्येक खुराक के लिए टीकाकरण की तारीख, टीकाकरण का देश या क्षेत्र और/या प्रमाणपत्र जारीकर्ता शामिल हों। अगर किसी स्वास्थ्य केंद्र के आपके दस्तावेज़ में ये सभी शामिल नहीं हैं तो आपको गैर-टीकाकरण नियमों का पालन करना चाहिए। अगर नहीं तो आपको बोर्डिंग से वंचित किया जा सकता है।”

कोविन टीकाकरण प्रमाणपत्र में मौजूदा समय में लाभार्थी का नाम, जन्म के वर्ष के आधार पर आयु, लिंग, आईडी, यूनीक हेल्थ आईडी, वैक्सीन का नाम, पहली खुराक की तारीख, दूसरी खुराक की तारीख, वैक्सीनेटर, टीकाकरण केंद्र का नाम और शहर/राज्य की जानकारी होती है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टीओआई को बताया, “मौजूदा कोविन प्रमाणपत्रों में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है, क्योंकि फॉर्मेट डब्ल्यूएचओ मानकों के अनुरूप है। नई सुविधा को वे लोग चुन सकते हैं जो विदेश यात्रा करना चाहते हैं।”

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम सेवक शर्मा ने कहा कि भारत की प्रमाणन प्रक्रिया के बारे में यूके सरकार द्वारा व्यक्त की गई किसी भी बिंदु पर कोई चिंता नहीं थी। शर्मा (जो कोविन प्लेटफॉर्म के प्रमुख भी हैं) ने बताया, “डब्ल्यूएचओ कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्र टेम्पलेट के अनुसार, एक ‘जन्म तिथि’ कॉलम है, जो वैकल्पिक है। कोविन में हम केवल लाभार्थी के जन्म का वर्ष एकत्र करते हैं, जिसके अनुसार उसकी आयु टीकाकरण प्रमाण पत्र पर दिखाई देती है इसलिए नई सुविधा केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करने वालों के लिए पेश की जाएगी। ऐसे उपयोगकर्ता अपने पासपोर्ट के अनुसार अपना महीना और जन्म दिन डालने के बाद अपना अपडेटेड प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड किए गए प्रमाण पत्र में तब लाभार्थी की पूरी जन्मतिथि होगी।”

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