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कोरोनाः दिल्ली में फिलहाल नहीं हटेगा Weekend Curfew, पर LG ने इस चीज को दी मंजूरी; बिहार में बढ़ीं पाबंदियां

इस बीच, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 3,47,254 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,85,66,027 हो गई। संक्रमण के कुल मामलों में कोरोना वायरस के ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के 9,692 मामले भी हैं।

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कोरोना वायरस संकट के बीच देश की राजधानी नई दिल्ली में विजय चौक और इंडिया गेट वाले इलाके के आसापास तैनात सुरक्षाकर्मी। (फोटोः पीटीआई)

कोरोना संकट के बीच देश की राजधानी दिल्ली में फिलहाल वीकेंड कर्फ्यू नहीं हटेगा। पर शहर में प्राइवेट ऑफिस 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के भेजे एक प्रस्ताव पर निर्देश दिया कि राजधानी में स्थिति बेहतर होने तक पाबंदियों पर यथास्थिति बरकरार रखी जाए।

समाचार एजेंसी पीटीआई को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एलजी ऑफिस ने निजी कार्यालयों को 50% कर्मचारियों की संख्या के साथ काम करने की अनुमति देने संबंधी सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। दरअसल, सीएम और आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एलजी से इस प्रस्ताव के जरिए वीकेंड कर्फ्यू, दुकानों के लिए सम-विषम व्यवस्था को हटाने के साथ प्राइवेट ऑफिसों को 50 फीसदी स्टाफ क्षमता के साथ चलाने की सिफारिश की थी।

व्यवस्था के मुताबिक यह वीकेंड कर्फ्यू हर शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह पांच बजे तक के लिए है। सप्ताहांत के कर्फ्यू घंटों के दौरान केवल जरूरी सेवाओं में लगे और आपातकालीन स्थिति का सामना करने वाले लोग ही बाहर निकल सकते हैं। साथ ही केवल सरकारी पास या वैध पहचान पत्र के साथ वालों को भी आने-जाने की अनुमति मिलती है। इस दौरान किराने का सामान और दवाओं जैसी आवश्यक चीजें छोड़कर सभी दुकानों को बंद रहती हैं।

इससे पहले दिन में, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पाबंदियों में छूट देने का निर्णय शहर में कोविड मामलों की घटती संख्या को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बात पर गौर किया गया है कि जनता की आजीविका प्रभावित न हो। दरअसल, शहर के कई हिस्सों में कारोबारियों ने सम-विषम व्यवस्था के आधार पर वैकल्पिक दिनों में गैर-जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग की।

दिल्ली सीएम की ओर से यह सिफारिश तब की गई है, जब राजधानी में एक दिन पहले यानी गुरुवार को कोरोना वायरस के 12,306 नए केस आए थे। बीते 24 घंटे के मुकाबले इन मामलों में 10.72 फीसदी की गिरावट आई थी। हालांकि, 43 मौतों की पुष्टि भी हुई थी। यह आंकड़ा पिछले साल जून के बाद से सबसे अधिक है और तब 44 लोगों की मौत हुई थी।

वहीं, बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर छह फरवरी तक पुरानी पाबंदियां (पहले 21 जनवरी तक के लिए थीं) लागू रहेंगी। यह फैसला राजधानी पटना में आपदा प्रबंधन की गुरुवार को हुई बैठक में हुआ। सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर इस बाबत जानकारी दी। साथ ही अपील की है कि जनता खास सावधानी बरते और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करे। पुरानी पाबंदियों में क्या चीजें शामिल हैं:

  • नाइट कर्फ्यू (रॉत 10 से सुबह पांच बजे तक)
  • शादी, श्राद्ध में सिर्फ 50 लोगों को अनुमति
  • बारात और जुलूस में बैंड-बाजा, डीजे नहीं बजेगा
  • ऐसा करना है, तो तीन रोज पूर्व संबंधित थाने को सूचना देनी होगी
  • दुकानें रात आठ बजे रात बंद होंगी
  • सभी शैक्षणिक संस्थान फिलहाल बंद हैं

इस बीच, भारत में एक दिन में कोरोना वायरस के 3,47,254 नए मामले आए। देश में इसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,85,66,027 हो गई। संक्रमण के कुल केसों में इस वैश्विक महामारी के सबसे ताजा स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 9,692 मामले भी हैं। शुक्रवार (21 जनवरी, 2022) सुबह आठ बजे तक के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, हिंदुस्तान में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 20,18,825 हो गई है, जो कुल मामलों का 5.23 प्रतिशत है। देश में 235 दिन में उपचाराधीन मरीजों की यह संख्या सर्वाधिक है।

मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 94,774 की वृद्धि दर्ज की गयी। वहीं, 703 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,88,396 हो गई। देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर घटकर 93.50 प्रतिशत हो गई है। देश में बृहस्पतिवार से ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के मामलों में 4.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

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