कोरोनाः J&K में फिर से पाबंदियां, MP में मार्च अंत तक बंदियों से भेंट पर रोक; केरल में ऑफलाइन क्लास दो हफ्ते को स्थगित

इस बीच, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार ने अधिकतम 200 लोगों के साथ या फिर कार्यक्रम स्थल की क्षमता के 50 फीसदी लोगों के साथ विवाह समारोहों में शामिल होने की इजाजत दी है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच शनिवार (15 जनवरी, 2022) से केंद्र शासित प्रदेश में सप्ताहांत के दौरान “गैर-जरूरी आवागमन पर पूरी तरह रोक” लगा दी है। प्रदेश में शुक्रवार को 2,456 नए मामले पाए गए थे। प्रशासन के अधिकारी आदेश आने के बाद फौरन हरकत में आ गए, बाजारों को बंद करने के साथ ही लोगों से घर लौटने को कहा गया।

मुख्य सचिव ए के मेहता की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की बैठक में लिए गए फैसले की घोषणा करते हुए, अधिकारियों ने बताया कि रात में कर्फ्यू लागू रहेगा और स्कूल एवं कॉलेजों में शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी। कोविड-19 की स्थिति की साप्ताहिक समीक्षा करने के बाद, मेहता ने कहा कि दैनिकों मामलों की असमान प्रवृत्ति के साथ ही बढ़ती संक्रमण दर को देखते हुए सभी जिलों में मौजूदा कोविड रोकथाम उपायों को जारी रखने के साथ-साथ अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत है।

मेहता ने अपने हालिया आदेश में कहा, “पूरे जम्मू-कश्मीर में सप्ताहांत के दौरान गैर-जरूरी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।” आदेश के बाद, जम्मू के उपायुक्त अंशुल गर्ग ने एक ट्वीट में कहा कि जिले में गैर जरूरी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध शुक्रवार रात नौ बजे से सोमवार छह बजे तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने कहा, “जम्मू में परिवहन, जरूरी सेवाओं/ गतिविधियों और होम डिलिवरी पर कोई पाबंदी नहीं होगी। हालांकि, लोगों से आग्रह किया जाता है कि असुविधा से बचने के लिए घर पर ही रहें। आपके सहयोग के लिए आभारी।”

पुलिस और निकाय अधिकारियों ने आदेश को लागू करने के लिए शहर के विभिन्न बाजारों का दौरा किया। दुकानदार, जिन्होंने सुबह अपनी दुकानें खोली थी, इस घोषणा से हैरान थे और कहा कि सरकार को उन्हें इसके बारे में एक दिन पहले सूचित करना चाहिए था ताकि आवश्यक वस्तुओं की अफरा-तफरी में हुई खरीदारी को रोका जा सके।

उधमपुर की उपायुक्त इंदु कनवाल चिब ने आदेश को लागू करने के लिए खुद से अभियान की अगुवाई की और आने-जाने वालों तथा खरीदारों को उनके घर के लिए लौटने को कहा। उन्होंने कहा, “पटनीटॉप में सप्ताहांत में भारी भीड़ जुट रही है। हम वहां भी सख्त तालाबंदी कर रहे हैं।” अधिकारी ने कहा कि सप्ताह के दिनों में शाम पांच बजे के बाद किसी को भी हिल स्टेशन पर जाने की अनुमति नहीं होगी।

सार्वजनिक घोषणा प्रणाली से लैस पुलिस वाहन सार्वजनिक स्थानों पर घूमते हुए लोगों को सप्ताहांत प्रतिबंधों के बारे में सूचित करते हुए और उनका सहयोग मांगते हुए दिखे। कश्मीर घाटी और श्रीनगर में भी आज सुबह खुली दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को बंद करवाया दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने कई स्थानों पर अवरोधक लगाए और जनता की आवाजाही प्रतिबंधित थी, केवल आपातकालीन मामलों में आने-जाने की अनुमति दी गई थी।

हवाई, रेल और सड़क मार्ग से केंद्र शासित प्रदेश में आने वाले बिना लक्षण वाले लोगों को आगमन पर आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन जांच से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उनके पास कोविड-19 टीकाकरण का एक वैध और सत्यापन योग्य अंतिम प्रमाण-पत्र होना चाहिए या आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट होनी चाहिए, जिसमें उनके संक्रमित न होने की पुष्टि हुई हो और यह रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए।

आदेश में कहा गया, “हालांकि, हवाई, रेल और सड़क मार्ग से आने वाले उन यात्रियों की आरटी-पीसीआर या आरएटी कोविड जांच कराई जाएगी, जिनमें लक्षण होंगे।” राज्य सड़क परिवहन निगम के यात्री वाहनों और निजी बसों की अंतरराज्यीय आवाजाही को पूर्ण टीकाकरण करा चुके ऐसे लोगों के लिए अनुमति दी जाएगी, जिनकी सत्यापन योग्य आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं हो या मौके पर आरएटी जांच की जाएगी।

MP में मार्च अंत तक बंदियों से बाहरियों की भेंट पर रोकः इस बीच, मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने संक्रमण को फैलने से रोकने के प्रयास के तहत इस साल मार्च के अंत तक जेल में बंदियों से बाहरी लोगों के मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सूबे के जेल विभाग की ओर से शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है, ‘‘जेलों के अंदर महामारी के प्रसार को रोकने के लिए कैदियों के दोस्तों, परिवार के सदस्यों और परिचितों की मुलाकात पर 31 मार्च तक प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, कैदी ई-मीटिंग (वीडियो कॉल के जरिए) और फोन से बातचीत की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे।’’

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कमी आने के बाद पिछले साल एक नवंबर से राज्य की जेलों में कैदियों को आगंतुकों से मिलने की अनुमति दी गई थी, जबकि मार्च 2021 में महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के बाद जेल विभाग ने पिछले साल अक्टूबर के अंत तक जेल में कैदियों की बाहरी लोगों से मुलाकात पर प्रतिबंध लगा दिया था। संक्रमण के मामले में फिर से वृद्धि को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को प्रदेश में कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों और छात्रावासों को 31 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया।

अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ राजेश राजोरा ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘स्कूलों को बंद करने के अलावा प्रदेश सरकार ने सभी धार्मिक और व्यावसायिक मेलों तथा रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।’’ उन्होंने कहा कि केवल 250 लोगों को राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, शैक्षिक, मनोरंजन और ऐसे अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति होगी।

अधिकारी ने कहा कि बंद स्थानों में केवल 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं तथा स्टेडियमों में भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही खेल आयोजन किया जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में शुक्रवार को संक्रमण के 4,755 नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,19,228 हो गई। प्रदेश में इस बीमारी से अब तक 10,543 लोग जान गंवा चुके हैं।

केरल में ऑफलाइन क्लास दो हफ्ते को स्थगितः उधर, केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शनिवार को कहा कि राज्य में विद्यार्थियों के बीच कोविड​​-19 का ज्यादा प्रसार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पहली से नौवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाओं को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने संबंधी सरकार का फैसला एहतियाती कदम है, क्योंकि हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर कक्षाएं दो सप्ताह के लिए स्थगित रहेंगी और यह फैसला राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है और नए निर्णय के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं की समय सारिणी को फिर से बनाया जायेगा।

शिवनकुट्टी ने कहा कि हालांकि 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा की ऑफलाइन कक्षाओं में कोई बदलाव नहीं होगा और स्कूलों में आने वाले बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसके साथ ही 35 लाख से अधिक विद्यार्थी इस अवधि में घर पर रहेंगे और ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होंगे। सोमवार को शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी और उसके बाद संशोधित दिशानिर्देश जारी किये जायेंगे।’’ उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द विद्यार्थियों का टीकाकरण करने का प्रयास किया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से उन्हें स्कूलों में ही टीके की खुराक देने की व्यवस्था की जाएगी।

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